मिलक/शाहबाद(रामपुर)। विधानसभा चुनावों के दौरान मिलक विधानसभा क्षेत्र में दो स्थानों पर मतदान बहिष्कार की घटना हुई। मिलक क्षेत्र के एक गांव में ग्रामीणों ने शराब की दुकान हटवाने की मांग को लेकर मतदान का बहिष्कार कर दिया। वहीं शाहबाद क्षेत्र के एक गांव में ग्रामीणों ने विकास कार्यों की अनदेखी का आरोप लगाते हुए मतदान का बहिष्कार कर दिया। सूचना पर पुलिस-प्रशासनिक अधिकारी सक्रिय हो गए और ग्रामीणों को समझा-बुझाकर मतदान शुरू कराया।
मिलक विधानसभा क्षेत्र में शाहबाद तहसील क्षेत्र के गांव देवीपुरा में ग्रामीणों ने मूलभूत सुविधाएं और विकास कार्य न होने की बात कहते हुए मतदान का बहिष्कार कर दिया। मतदान बहिष्कार की सूचना पर प्रशासनिक अधिकारियों ने मौके पर पहुंचना शुरू कर दिया। इसी क्रम में एसडीएम (आरओ) अशोक कुमार चौधरी भी गांव पहुंच गए। एसडीएम ने गांव में पहुंचकर लोगों से मतदान करने के लिए अपील की। अपील करने के बाद मात्र आठ मतदाताओं ने मतदान का प्रयोग किया। लेकिन अन्य ग्रामीणों ने अपनी जिद पर अड़े रहे। ग्रामीणों का आरोप था कि गांव में मिलने वाली मूलभूत सुविधाएं उन्हें नहीं मिली है। गांव में सड़कों पर जलभराव, सड़कों की जर्जर स्थिति, और उन्हें सरकारी किसी भी योजना का लाभ नहीं मिला है। ज्ञात रहे कि बीते 2017 के विधानसभा चुनाव में भी इसी गांव के ग्रामीणों ने चुनाव का बहिष्कार किया था इसके बाद तत्कालीन मुरादाबाद कमिश्नर एल वेंक्टेश्वर लू ने पहुंचकर लोगों को समझा-बुझाकर चुनाव का बहिष्कार बंद करा कर मतदान कराया था। इसके बाद भाजपा नेता और पैक्सपेड चेयरमैन सूर्य प्रकाशपाल, जिलाध्यक्ष अभय गुप्ता और विधान सभा संयोजक सुरेश बाबू गुप्ता ने गांव में पहुंचकर ग्रामीणों को समझाया गया, और आश्वासन दिया। जिसके बाद गांव में मतदान सुचारू रूप से शुरू हुआ। बहिष्कार करने वालों में रामौतार सिंह, डंबर सिंह, रघुवीर सिंह, सत्यपाल सिंह, रामबहादुर सिंह, चंद्रपाल सिंह, अतर सिंह, रनवीर सिंह आदि शामिल रहे।