ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी ने शौचालय निर्माण में घपला करते हुए एक ही व्यक्ति को तीन-तीन बार शौचालय आवंटित कर दिए। इतना ही जिस घर में यह शौचालय बनाए गए उनमें पुराने शौचालय तोड़ दिए गए और नए शौचालय का निर्माण कर दिया गया।
पुराने शौचालयों में कहीं कबूतर पलने लगे तो कहीं कबाड़ भर दिया गया। जिला पंचायत राज अधिकारी के औचक निरीक्षण में मिली इन तमाम खामियों के बाद ग्राम विकास अधिकारी के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराने की तैयारी की जा रही है। वहीं ग्राम विकास अधिकारी व ग्राम प्रधान के खिलाफ कार्रवाई को डीएम को भी रिपोर्ट भेजी गई है।
शौचालय निर्माण में धांधली की शिकायतों के बीच अब सख्ती होने पर विभागीय अफसर भी सक्रिय हो गए हैं। जिला पंचायत राज अधिकारी डा. शरनजीत कौर ने एक शिकायत के आधार पर शुक्रवार को अजीमनगर गांव में शौचालय निर्माण का औचक निरीक्षण किया। जिसमें ग्राम विकास अधिकारी और ग्राम प्रधान की मिलीभगत के चलते बड़ा घपला सामने आया है।
निरीक्षण में पाया गया कि छह शौचालयों का निर्माण दोबारा किया गया है, यानि इन पात्रों को पूर्व में भी शौचालय निर्माण कराकर दिया गया और दोबारा फिर धनराशि जारी कर शौचालय निर्माण करा दिया गया। यह सबकुछ शौचालय के लिए आवंटित धनराशि में से अपने हिस्से और अपने कृपा पात्रों को अनुचित ढंग से योजना का लाभ दिए जाने की मंशा से किया गया।
निरीक्षण में एक घर तो ऐसा मिला जिसमें एक नहीं बल्कि तीन बार शौचालय निर्माण करा दिया गया। फिलहाल इतनी बड़ी अनियमितता मिलने पर ग्राम प्रधान और ग्राम विकास अधिकारी ओमकार सरन के खिलाफ कार्रवाई की प्रक्रिया शुरू कर दी गई है। साथ ही निरीक्षण की रिपोर्ट जिलाधिकारी को भी भेजी गई है।