विधान सभा चुनाव के लिए हुए नामांकन के दौरान सड़क से लेकर कलक्ट्रेट और नामांकन कक्ष तक में प्रत्याशियों ने नियमों की धज्जियां उड़ा दीं। बसपा और भाजपा के नेताओं से पुलिस कर्मियों नोकझोंक भी हुई। एक भाजपा प्रत्याशी तो नियमों को तोड़ते हुए नामांकन कक्ष में ही फोन पर बातें करने में जुटे रहे। लेकिन पुलिस और प्रशासनिक अमला देखता ही रहा।
विधानसभा चुनाव को पीसफुल संपन्न कराने के लिए चुनाव आयोग की ओर से आचार संहिता की लक्ष्मण रेखा खींची गई है, लेकिन बुधवार को भी आचार संहिता की धज्जियां आरओ व एआरओ के सामने ही उड़ती रहीं, लेकिन सभी अंजान बने रहे। मंगलवार को सपाइयों ने जब आचार संहिता की लक्ष्मण रेखा को लांघा तो सवाल खड़े होने लगे। इसके बाद तो बुधवार को बसपाई और भाजपाई भी आचार संहिता की धज्जियां उड़ाते रहे। बिलासपुर सीट से भाजपा की ओर से नामांकन कराने पहुंचे बलदेव औलख तो आरओ व एआरओ के सामने ही फोन पर बातें करते हुए दिखे। फोटो क्लिक होने के बाद उन्होंने फोन रखा। इसी तरह बसपाइयों ने भी आचार संहिता को ताक पर रख दिया।
शहर सीट से बसपा के प्रत्याशी डा.तनवीर अहमद के समर्थन में आई भीड़ पुलिस कर्मियों से भिड़ने लगी। पुलिस कर्मी समर्थकों को शांत कराने में लगे रहे, लेकिन इस बीच तमाम बसपाई कलक्ट्रेट के गेट तक पहुंच गए। इसी तरह स्वार सीट से बसपा प्रत्याशी नवेद मियां के समर्थक भी बैरीकेडिंग पार करने की कोशिश में लगे रहे। इसको लेकर पुलिस से जमकर झड़प हुई। कलक्ट्रेट के गेट तक तमाम बसपाई पहुंच गए और जमकर नारेबाजी करने लगे। यानि कुल मिलाकर बसपाइयों ने जमकर नारेबाजी की। पुलिस अफसर लगातार समर्थकों को शांत करने की कोशिश में लगे रहे,लेकिन समर्थक लगातार भिड़ते रहे, जिससे अफरातफरी मची रही।