प्रदेश के मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ ने पूर्व मत्री आजम खां के जेल के निर्माण के प्रोजेक्ट पर रोक लगा दी है। उन्होंने जेल का निर्माण रोके जाने के साथ ही इस पूरे प्रकरण की जांच कारागार विभाग के महानिदेशक को सौंप दी है। साथ ही पूरी रिपोर्ट तलब की है। यह आदेश प्रदेश के अल्पसंख्यक कल्याण राज्यमंत्री बलदेव सिंह औलख की सिफारिश के बाद किए हैं। कुछ दिन पहले औलख ने इस तरह की घोषणा भी रामपुर में सार्वजनिक कार्यक्रम में की थी।
शहर में चीनी मिल की जमीन पर नई जेल का प्रोजेक्ट पिछली सपा सरकार में मंजूर हुआ। इसके पीछे प्रोजेक्ट सपा के कद्दावर नेता आजम खां के महत्वपूर्ण प्रोजेक्ट में शामिल रहा है। सपा सरकार में चीनी मिल ने यह जमीन कारागार विभाग को दे दी थी। इसके बाद चीनी मिल कालोनी के मकान भी खाली कराए। शासन ने जेल के निर्माण कार्य के लिए बीस करोड़ रुपये जारी कर दिए थे, जिस पर निर्माण कार्य शुरू करा दिया गया था। चीनी मिल ने आवास भी खाली कराने शुरू कर दिए थे। मामला हाईकोर्ट में भी गया और कालोनी के बाश़िदों को स्टे दे दिया गया था। कई बार आंदोलन भी हुए और लोग जेल भी गए।
भाजपा ने इसका विरोध भी किया था। पिछले दिनों हाईकोर्ट ने स्टे खारिज करते हुए जेल निर्माण को हरी झंडी दे दी थी। एक माह पूर्व ही दोबारा से इसका निर्माण कार्य शुरू हुआ था। किन्तु, अब सूबे में सत्ता परिवर्तन हो चुका है और भाजपा की सरकार बन चुकी है। लिहाजा, चीनी मिल कालोनी के बशिंदो ने पिछले दिनों अल्पसंख्यक कल्याण एवं सिंचाई राज्यमंत्री बलदेव औलख से मुलाकात कर अपनी परेशानी बताते हुए जेल निर्माण पर रोक लगाने की मांग की थी, जिसके बाद राज्यमंत्री ने कारागार के अफसरों को तलब कर जेल के निर्माण पर रोक लगाने की घोषणा की थी। सीएम ने जेल के निर्माण पर रोक लगाने का आदेश जारी कर दिया है।