टांडा में वक्फ संपत्ति खुद-बुर्द करने का मामला सेंट्रल वक्फ काउंसिंल में पहुंच गया है। काउंसिल के मेंबर ने पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां, उत्तर प्रदेश सुन्नी सेंट्रल वक्फ बोर्ड के चेयरमैन जुफर अहमद फारुखी और वक्फ जोनल अफसर मोहम्मद उमर खां के खिलाफ एफआईआर की सिफारिश पुलिस अधीक्षक से की है। पत्र की प्रतिलिपि मुख्यमंत्री और केंद्रीय अल्पसंख्यक कल्याण मंत्री को भी भेजी हैं।
सेंट्रल वक्फ काउंसिल के मेंबर एजाज अब्बास नकवी ने पुलिस अधीक्षक को भेजे पत्र में कहा है कि टांडा के मोहल्ला मस्जिद निवासी मोहम्मद वकील ने काउंसिल में पत्र भेजकर आरोप लगाया है कि वक्फ के जोनल वक्फ अधिकारी ठेकेदार से रिश्वत लेने में जुटे हैं। वह वक्फ के बाजार दर पट्टे के किराये का भुगतान नहीं कर रहे हैं। उन्होंने पूर्व मंत्री मोहम्मद आजम खां और यूपी सुन्नी वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष जफर फारूखी की भी कई शिकायतें की हैं। जोनल वक्फ आफिसर ने उत्तर प्रदेश सेंट्रल वक्फ बोर्ड के अध्यक्ष के साथ मिलकर वक्फ एक्ट 1995 की धारा 56 के उल्लंघन में वक्फ को विमुख और बिक्री करने के लिए आपराधिक साजिश की है।
उन्होंने बाजार दर की तुलना में कम दर पर रामपुर / सहारनपुर और आसपास के अन्य वक्फ भूमि / दुकानों को पट्टे पर दिया है। शेष राशि जो उन्होंने नकद में ली है और धोखाधड़ी कर खुद रख ली है। पत्र में कहा है कि टांडा में 2 बीघा ईदफेयर मैदान के पेड़ भी कम कीमत में बेच दिए। वन विभाग से पेड़ों का मूल्यांकन नहीं कराया। पेड़ों की धनराशि भी आजम खां और जोनल वक्फ आफिसर ने रख ली। एसपी से आईपीसी की धारा 34 के साथ 409, 419, 465,467 के तहत एफआईआर दर्ज कर जांच किए जाने की सिफारिश की गई है।