रामपुर। दिल्ली में वोट चोरी के खिलाफ चल रहे आंदोलन में भाकियू टिकैत के राष्ट्रीय प्रवक्ता चौधरी राकेश टिकैत के समर्थन के एलान का असर रामपुर में भी दिखने लगा है। शुक्रवार रात दिल्ली कूच की तैयारी कर रहे भाकियू नेताओं को रोकने के लिए पुलिस उनके घर पहुंच गई।
प्रदेश महासचिव हसीब अहमद को गवर्नमेंट प्रेस रोड स्थित घर पर रोके जाने को लेकर किसानों और पुलिस के बीच काफी देर तक नोकझोंक हुई। मामला बढ़ने पर सीओ सिटी अभिषेक श्रीवास्तव भी मौके पर पहुंच गए। इसी मामले में पुलिस ने कांग्रेस और आम आदमी पार्टी के नेताओं को भी नजरबंद कर दिया।
भाकियू टिकैत के प्रदेश महासचिव हसीब अहमद ने बताया कि राष्ट्रीय नेतृत्व के आह्वान पर वह दिल्ली में चल रहे वोट चोरी के खिलाफ आंदोलन में शामिल होने जा रहे थे। इसी दौरान रात आठ बजे पुलिस उनके घर पहुंच गई और दिल्ली जाने से रोक दिया। हसीब अहमद ने इसका विरोध किया। इस दौरान पुलिस और किसान नेताओं के बीच काफी देर तक बहस होती रही।
हसीब अहमद ने कहा कि पुलिस ने उनके घर से निकलने का रास्ता ब्लॉक कर दिया है और उन्हें धमका रही है। राष्ट्रीय प्रवक्ता ने दिल्ली में चल रहे आंदोलन को समर्थन देने और उसमें शामिल होने का एलान किया है। इसके बाद संगठन के पदाधिकारी भी आंदोलन में भाग लेने की तैयारी में जुटे थे। किसान नेताओं को दिल्ली जाने से रोकने के लिए पुलिस के पहुंचने और सीओ सिटी के मौके पर आने से रात में गहमागहमी बनी रही। खबर लिखे जाने तक किसानों ने रास्ते में बैठकर धरना शुरू कर दिया था। इस दौरान दरबारी लाल शर्मा, मोहम्मद तालिब, छिद्दा नेता, शाकिर अली आदि मौजूद रहे।
इधर, युवा कांग्रेस के प्रदेश उपाध्यक्ष एडवोकेट अरसलान ने बताया कि वह अपने साथियों के साथ दिल्ली के लिए निकलने वाले थे, लेकिन रात करीब नौ बजे पुलिस पहुंच गई और उन्हें घर में ही नजरबंद कर दिया। आम आदमी पार्टी के प्रदेश प्रवक्ता फैसल लाला ने बताया कि वह शाम को दिल्ली जाने की तैयारी में थे, तभी पुलिस उनके कार्यालय पर पहुंच गई और उन्हें नजरबंद कर दिया।