रामपुर। दिवाली पर आतिशबाजी करते समय सावधानी बरतें। जरा सी लापरवाही त्योहार की खुशियां फीकी कर सकती है। तेज आवाज और गाढ़ा सफेद धुआं छोड़ने वाली आतिशबाजी से परहेज करें। डॉक्टरों ने अनुसार आतिशबाजी जलाने से निकलने वाली कार्बन मोनोआक्साइड व सल्फर डाईआक्साइड गैसें सेहत के लिए हानिकारक हैं। ये सांस रोगी बना सकती हैं। सिर दर्द, चक्कर, घबराहट व उल्टी आने की भी समस्या हो सकती है। घर में यदि को सांस का मरीज है तो पटाखे न जलाएं।
जिला अस्पताल के वरिष्ठ फिजिशियन डॉ. डीके वर्मा ने बताया कि दिवाली पर अक्सर लोग आतिशबाजी छोड़ते हैं। इसमें तेज आवाज और धमाके वाले पटाखों से परहेज करना चाहिए। इससे कानों को नुकसान हो सकता है। साथ ही तेज चमक और प्रदूषण फैलाने वाले पटाखे नहीं छोड़ने चाहिए। ये सेहत के लिहाज से खतरनाक हैं।
-
पटाखा जलाते समय बरतें ये सावधानी
- जली चीज पर मक्खन, पाउडर आदि न डालें, इससे संक्रमण का खतरा रहता है।
- जलने वाली जगह का आकार बड़ा हो तो तुरंत डाॅक्टर को दिखाएं।
- पटाखे छुड़ाते समय सफेद शीशे का चश्मा पहने, लंबी स्टिक का प्रयोग करें।
- पास जाकर पटाखे न जलाएं। धुएं से आंखों में जलन होने पर ठंडे पानी से आंखों को धोएं।
- पटाखे से जलने पर तुरंत डाॅक्टर की सलाह लें। गुलाब जल का प्रयोग बिल्कुल न करें।
- थोड़ी-थोड़ी देर बाद आंखों को ठंडे पानी से धोते रहें।
-
हादसा होने पर यहां करें संपर्क
-
फायर ब्रिगेड हेल्पलाइन नंबर - 101, 112
एंबुलेंस नंबर -108
कलक्ट्रेट में बना कंट्रोल रूम नंबर - 7247833311, 9068302632, 0595-2350404।
व्हाट्सएप नंबर- 9045299525
-
24 घंटे मिलेंगे डाॅक्टर व फार्मासिस्ट
दिवाली के दिन जिला अस्पताल में सुबह, दोपहर व रात की शिफ्ट में अलग अलग डॉक्टर व फार्मासिस्ट की ड्यूटी रहेगी। जरूरत पड़ने पर अन्य डाॅक्टरों को बुला लिया जाएगा। दिवाली पर अगर किसी के साथ कोई घटना होती है तो ये डाॅक्टर सेवा में तत्पर रहेंगे। सभी डाॅक्टरों की ड्यूटी का समय निधारित कर दिया गया है। जिससे कि मरीजों को कोई असुविधा नहीं हो। - डॉ. एचके मित्रा, सीएमएस जिला अस्पताल।