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पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां को कोर्ट से झटका, तीन जमानत प्रार्थना पत्र खारिज.

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रामपुर। सपा नेता आजम खां के करीबी एवं पूर्व नगर पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां को कोर्ट से झटका लगा है। कोर्ट ने उनके खिलाफ दर्ज तीन मामलों में अधिवक्ता के माध्यम से दाखिल किए गए जमानत प्रार्थना पत्र पर फैसला सुनाते हुए खारिज कर दिए हैं।
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पूर्व पालिकाध्यक्ष अजहर अहमद खां के खिलाफ गंज थाने में साल 2019 में 12 मामले दर्ज किए गए थे। इसके साथ ही उनके खिलाफ कोतवाली थाने में पांच और सिविल लाइंस थाने में भी दो मुकदमे दर्ज हैं। मुकदमे दर्ज होने के बाद से ही अजहर अहमद खां फरार चल रहे थे। जिसके बाद पुलिस ने 23 अगस्त 2020 को उनकी कुर्की तक कर ली थी। किंतु, इसके बाद भी वह पुलिस के हाथ नहीं आए। जिस पर पुलिस ने उन्हें भगोड़ा घोषित करते हुए 25 हजार रुपये का इनाम घोषित कर दिया। पुलिस और कोर्ट की लगातार सख्ती के बाद 16 मार्च को उन्होंने मुरादाबाद कोर्ट में आत्मसमर्पण कर दिया था। उनके खिलाफ मुरादाबाद में भी रामपुर की पूर्व सांसद व फिल्म अभिनेत्री जयाप्रदा के खिलाफ अभद्र टिप्पणी करने के आरोप में मुकदमा दर्ज था।
मंगलवार को अजहर अहमद खां के खिलाफ गंज थाने में दर्ज तीन मामलों एमपी-एमएलए कोर्ट (सेशन ट्रायल) में जमानत प्रार्थना पत्रों पर सुनवाई हुई। जिसमें दोनों पक्षों की बहस पूूरी हो गई थी। जिला शासकीय अधिवक्ता अरुण प्रकाश सक्सेना ने बताया कि बुधवार को इन मामलों में कोर्ट ने फैसला सुनाते हुए तीन मामलों में दाखिल जामनत प्रार्थना पत्र खारिज कर दिए हैं।
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