फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

कोतवाली पुलिस ने एक और मुकदमे में शामिल किया आजम का नाम

विज्ञापन
विज्ञापन
एक और मुकदमे में आजम का नाम जोड़ा, बना कस्टडी वारंट
विज्ञापन

वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए कोर्ट की कार्यवाही में शामिल हुए आजम खां
रामपुर। कोतवाली थाना पुलिस ने एक और मुकदमे में सपा नेता आजम खां का नाम जोड़ दिया है। इसमें आरोप है कि रामपुर पब्लिक स्कूल के अभिलेखों में हेराफेरी की गई है। जिसके बाद कोर्ट ने सुनवाई करते हुए कस्टडी वारंट बनाने के आदेश दिए। वारंट की कॉपी सीतापुर जेल प्रशासन को भेज दी गई है।
26 फरवरी 2020 से सीतापुर जेल में बंद आजम खां के खिलाफ जिले के विभिन्न थानों में 87 मुकदमे दर्ज थे, शुक्रवार को एक और मामले में उनके नाम को जोड़ दिया गया है। जिसके बाद उनके खिलाफ अब कुल 88 मामले दर्ज हैं। जेल से ही उन्होंने शहर विधानसभा का चुनाव लड़ा और जीत हासिल की। शुक्रवार को कोतवाली थाने में दर्ज रामपुर पब्लिक स्कूल की मान्यता से संबंधित एक मुकदमे में विवेचक ने उनका नाम जोड़ दिया है। यह मुकदमा 18 मार्च 2020 को दर्ज हुआ था। मुकदमा तत्कालीन नगर शिक्षाधिकारी प्रेम सिंह राणा ने अज्ञात के खिलाफ दर्ज कराया था। उनका आरोप था कि धोखाधड़ी और अभिलेखों में हेराफेरी के साथ ही आपराधिक षड़यंत्र किया गया है।
विज्ञापन

पुलिस ने इस मामले में विवेचना कर पहले आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और बीएसए दफ्तर के एक बाबू तौफीक अहमद का नाम शामिल करते हुए आरोपी बनाया था और इन दोनों के खिलाफ आरोप पत्र भी दाखिल कर दिए थे। इस पर भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने विवेचना पर सवालिया निशान लागते हुए पुलिस पर आजम खां को बचाने का आरोप लगाया था। इस आरोप के बाद कोर्ट ने इस प्रकरण की दुबारा अग्रेतर विवेचना करने के आदेश दिए थे। इसके बाद शहर कोतवाल को इस मामले की विवेचना सौंपी गई। शहर कोतवाल ने इस मामले की विवेचना करते हुए अपनी विवेचना में जौहर ट्रस्ट के अध्यक्ष एवं शहर विधायक आजम खां को भी फर्जी तरीके से मान्यता हासिल करने का दोषी माना।
कोर्ट ने इस मामले की सुनवाई की। जिसमें आजम खां सीतापुर जेल से वीडियो कांफ्रेंसिंग के जरिए जुड़े। इस दौरान कोर्ट ने आजम खां का कस्टडी वारंट बनाने के आदेश दे दिए। इसमें 420, 467, 468, 471, 120बी आईपीसी की धाराएं शामिल हैं। कस्टडी वारंट की कॉपी सीतापुर जेल प्रशासन को भेज दी गई है।
विज्ञापन

शहर कोतवाल गजेंद्र पाल त्यागी ने बताया कि विवेचना के दौरान पाया गया कि आरपीएस स्कूल के लिए अग्निशमन विभाग की ओर से सिर्फ एक एनओसी जारी की गई थी, जिसका प्रयोग तीन स्कूलों के लिए किया गया। साथ ही सीएंडडीएस की ओर से जारी भवन की गुणवत्ता का प्रमाण पत्र भी फर्जी पाया गया। वहीं मामले में सीएंडडीएस के परियोजना प्रबंधक राजीव गुप्ता ने बताया कि रामपुर पब्लिक स्कूल के लिए सीएंडडीएस की ओर से भवन की गुणवत्ता के संबंध में कोई प्रमाण पत्र जारी ही नहीं किया गया था।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें