संसदीय कार्य एवं नगर विकास मंत्री मोहम्मद आजम खां ने प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी द्वारा हजार और पांच सौ के नोट बंद किए जाने के सवाल पर कहा है कि हमारी यूनिवर्सिटी तो चंदे से बनी हैं, हमारे पास भी चंद नोट हैं, जिस किसी को इससे परेशानी हो वह अपना हिसाब देता रहे।
देश की मुद्रा में से कुछ नोटों पर रोक लगाकर ब्लैक मनी पर सर्जिकल स्ट्राइक करने वाले प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी के फैसले पर पत्रकारों को अपनी प्रतिक्रिया देते हुए सूबे के कद्दावर मंत्री आजम खां ने भाजपा पर तंज कसने के अंदाज में अपनी जेब से पर्स निकालते हुए एक हजार, एक पांच सौ और दो सौ-सौ के नोट निकालते हुए कहा कि हमने तो अपना हिसाब दे दिया। यूनिवर्सिटी चंदे से बनी है और उनके पास तो चंद नोट हैं। साथ ही कहा कि किसी को अगर परेशानी है तो वह हिसाब दे।
कैबिनेट मंत्री आजम खां ने अमेरिका में चल रहे राष्ट्रपति के चुनाव पर कमेंट करने से मना करते हुए कहा कि अपने अपने मुल्कों की पॉलिसी होती हैं। हिंदुस्तान से पलायन कर चुके लोगों पर कहा कि अपने-अपने मुल्क में रहना चाहिए। अगर वह वाकई भारत मां के सुपूत हैं तो उन्हें वापस हिंदुस्तान आना चाहिए। कहा कि यहां के डाक्टर इंजीनियर का फायदा अमेरिका यूरोप उठाए तो यह तो मुल्क के साथ धोखा, गद्दारी है। हम प्रधानमंत्री होते हो इसके खिलाफ कानून बनाते।