आजम खां सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत पर हैं। कोर्ट ने स्थाई जमानत के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। जिसके बाद आजम खां के अधिवक्ता ने 31 मई को जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान आजम खां के अधिवक्ता जुबैर अहमद खां के माध्यम से कोर्ट में स्थगन प्रार्थना पत्र दाखिल किया।
सपा नेता आजम खां के अधिवक्ता ने उनके खिलाफ दर्ज रामपुर पब्लिक स्कूल की एनओसी फर्जीवाड़े के मामले में कोर्ट में स्थाई जमानत प्रार्थना पत्र पर स्थगन प्रार्थना पत्र दाखिल किया। जिस कारण सुनवाई नहीं हो सकी। अब 14 जून मंगलवार को इस मामले की अगली सुनवाई होगी।
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वर्तमान में आजम खां सुप्रीम कोर्ट से मिली अंतरिम जमानत पर हैं। सुप्रीम कोर्ट ने स्थाई जमानत के लिए दो सप्ताह का समय दिया था। जिसके बाद आजम खां के अधिवक्ता ने 31 मई को जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दाखिल किया था। जिस पर सोमवार को सुनवाई हुई। इस दौरान आजम खां के अधिवक्ता जुबैर अहमद खां के माध्यम से कोर्ट में स्थगन प्रार्थना पत्र दाखिल किया गया। शासकीय अधिवक्ता अरूण प्रकाश सक्सेना ने बताया कि कोर्ट ने बचाव पक्ष प्रार्थना पत्र को मंजूर करते हुए सुनवाई के लिए 14 जून मंगलवार की तारीख तय की है।
साल 2019 में शहर कोतवाली में बेसिक शिक्षा विभाग के तत्कालीन नगर शिक्षाधिकारी प्रेम सिंह राणा ने अज्ञात के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप था कि रामपुर पब्लिक स्कूल की मान्यता के लिए ली गई एक एनओसी पर तीन विद्यालयों का संचालन किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में विवेचना करते हुए सपा नेता आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और बीएसए दफ्तर के एक बाबू तौफीक अहमद के नाम शामिल करते हुए आरोपी बनाया था। इसके बाद पुलिस ने कुछ दिनों पूर्व ही इस मामले में सपा नेता एवं जौहर ट्रस्ट के अध्यक्ष आजम खां को भी आरोपी बनाया था।