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Azam Khan: जातिसूचक भाषण मामले में आजम खां की आपत्ति खारिज, लिए जाएंगे आवाज के नमूने

Tue, 22 Nov 2022 11:03 PM IST
आकाश दुबे संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर

सार

2007 में विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान आजम खां ने एक जनसभा को संबोधित किया था। जनसभा के बाद बसपा नेता धीर कुमार शील ने थाने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था कि आजम खां ने अपने भाषण में जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया है।
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azam khan - फोटो : amar ujala
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विस्तार
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सपा नेता आजम खां द्वारा भाषण में जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल करने के मामले में उनकी ओर से दाखिल आपत्ति को कोर्ट ने खारिज कर दिया है। अब उनकी आवाज के नमूने लेकर जांच के लिए भेजे जाएंगे। इस मामले की अगली सुनवाई बुधवार को होगी।

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मामला साल 2007 का है। विधानसभा चुनाव के प्रचार के दौरान आजम खां ने एक जनसभा को संबोधित किया था। जनसभा के बाद बसपा नेता धीर कुमार शील ने थाने तहरीर देकर मुकदमा दर्ज कराया था कि आजम खां ने अपने भाषण में जातिसूचक शब्दों का इस्तेमाल किया है। तहरीर के बाद पुलिस ने इस मामले में रिपोर्ट दर्ज कर ली थी। पुलिस ने विवेचना के बाद कोर्ट में चार्जशीट दाखिल कर दी थी। जिसके बाद कोर्ट ने 30 अक्तूबर 2021 को आजम खां पर आरोप तय कर दिए थे। इस मामले में आजम खां की जमानत पहले ही मंजूर हो चुकी है। इस मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए कोर्ट सेशन ट्रायल में चल रही है।

सुनवाई के दौरान कोर्ट रूम में आजम खां की ऑडियो कैसेट चलाई गई थी। गवाह ने इस बात की पुष्टि की थी कि यह आजम खां की आवाज है। इसके बाद कोर्ट ने आदेश दिया था कि आजम खां की आवाज के नमूने लेकर प्रयोगशाला में जांच के लिए भेजे जाए। इस आदेश पर आजम खां की ओर से उनके अधिवक्ता ने आपत्ति दाखिल की थी। इस मामले में दोनों पक्षों की बहस पूरी हो चुकी थी। सहायक शासकीय अधिवक्ता अमित सक्सेना ने बताया कि कोर्ट ने आजम खां की आपत्ति को खारिज करते हुए उनकी आवाज के नमूने लिए जाने के आदेश दिए हैं। इस मामले की सुनवाई बुधवार को भी होगी।

कोर्ट में गवाही के लिए तलब होंगे अब्दुल्ला आजम के नामांकन पत्र के प्रस्तावक
सपा विधायक अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में कोर्ट ने अभियोजन के उस प्रार्थनापत्र को मंजूर कर लिया है, जिसमें 2017 के विधानसभा चुनाव में उनके नामांकन के प्रस्तावकों को कोर्ट तलब करने की मांग की गई थी। अब इस मामले की अगली सुनवाई 25 नवंबर को होगी। बता दें कि भाजपा नेता आकाश सक्सेना ने सपा विधायक अब्दुल्ला आजम के खिलाफ अलग-अलग जन्मतिथि से दो जन्म प्रमाण पत्र बनवाने के आरोप में मुकदमा दर्ज कराया था। इस मामले में अब्दुल्ला के अलावा उनके पिता आजम खां और मां डा. तजीन फात्मा भी आरोपी हैं। इस मुकदमे में तीनों जमानत पर चल रहे हैं। मामले की सुनवाई एमपी-एमएलए स्पेशल कोर्ट (मजिस्ट्रेट ट्रायल) में चल रही है।
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2017 में अब्दुल्ला ने स्वार सीट से लड़ा था चुनाव, विधायकी हो गई थी रद्द
अब्दुल्ला आजम ने 2017 का विधानसभा चुनाव स्वार सीट से सपा की टिकट पर लड़ा था और जीत हासिल की थी। उनके मुकाबले बसपा से चुनाव लड़े नवाब काजिम अली खां उर्फ नवेद मियां ने हाईकोर्ट ने चुनावी याचिका दायर कहा था कि नामांकन के वक्त अब्दुल्ला न्यूनतम आयु की सीमा को पूरा नहीं करते थे। उनकी इस याचिका पर सुनवाई करते हुए हाईकोर्ट ने 16 दिसंबर 2019 को उनका निर्वाचन रद्द कर दिया था। अब्दुल्ला ने इस फैसले को सुप्रीम कोर्ट में चुनौती दी थी। सुप्रीम कोर्ट ने भी अब्दुल्ला की अपील को खारिज करते हुए हाईकोर्ट के आदेश को बरकरार रखा है।
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