अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में सात साल की सजा काट रहे सपा नेता आजम खां और उनकी पत्नी तजीन फात्मा और अब्दुल्ला की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। रामपुर जेल भेजे जाने के बाद आरटीपीसीआर जांच के सैंपल लिए गए थे।
सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां की अपील पर बुधवार को कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। आजम के अधिवक्ता द्वारा कोर्ट में स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने सुनवाई के लिए तीन नवंबर की तारीख तय कर दी।
एडीओ सहकारिता अनिल चौहान ने शहजादनगर थाने में आजम खां के खिलाफ लोकसभा चुनाव के दौरान 2019 में नफरती भाषण देने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।
सुनवाई के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट मजिस्ट्रेट ट्रायल ने आजम खां को 15 जुलाई को नफरती भाषण देने के मामले में दोषी मानते हुए दो साल की सजा व ढाई हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की सुनाई थी।
निचली अदालत के फैसले के खिलाफ आजम खां ने एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की है, जिस पर सुनवाई चल रही है। 16 अक्तूबर को भी इस मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन बचाव पक्ष की ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र दाखिल किया था, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया था।
एडीजीसी सीमा राणा ने बताया कि आजम खां के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया। कोर्ट ने इस स्थगन पत्र को स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई के लिए तीन नवंबर की तारीख तय कर दी है।