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Azam Khan News: आजम खां, अब्दुल्ला और तजीन की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव, रामपुर जेल में कराया गया था टेस्ट

Thu, 26 Oct 2023 12:22 AM IST
विमल शर्मा अमर उजाला नेटवर्क, रामपुर

सार

दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में कोर्ट ने 18 अक्तूबर को सपा नेता आजम खां, अब्दुल्ला आजम, डाॅ. तजीन फात्मा को सात-सात साल की कैद की सजा सुनाई थी। इसके बाद तीनों को रामपुर जेल भेज दिया गया था। तब उनका टेस्ट किया गया था। 
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सजा के बाद कोर्ट परिसर में आजम खां और उनका परिवार - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
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अब्दुल्ला आजम के दो जन्म प्रमाणपत्र मामले में सात साल की सजा काट रहे सपा नेता आजम खां और उनकी पत्नी तजीन फात्मा और अब्दुल्ला की कोरोना रिपोर्ट निगेटिव आई है। रामपुर जेल भेजे जाने के बाद आरटीपीसीआर जांच के सैंपल लिए गए थे।

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दो जन्म प्रमाणपत्र के मामले में कोर्ट ने 18 अक्तूबर को सपा नेता आजम खां, अब्दुल्ला आजम, डाॅ. तजीन फात्मा को सात-सात साल की कैद व जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई थी। सजा सुनाए जाने के बाद तीनों को रामपुर जेल भेज दिया गया था।

जहां जेल के नियमानुसार उनका स्वास्थ्य परीक्षण किया गया था। इसके तहत उनकी कोरोना की आरटीपीसीआर जांच के लिए सैंपल लिए गए थे। अब तीनों की रिपोर्ट आ गई है।  जेल अधीक्षक प्रशांत मौर्य के मुताबिक तीनों की आरटीपीसीआर रिपोर्ट निगेटिव आई है।
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आजम और अब्दुल्ला को रामपुर जेल से शिफ्ट किया जा चुका है, जबकि डाॅ.तजीन फात्मा को रामपुर जेल में ही रखा गया है। उनकी सेहत पर भी जेल प्रशासन की पूरी नजर है। लगातार उनका चेकअप कराया जा रहा है। आजम खां सीतापुर और अब्दुल्ला आजम हरदोई जेल में बंद हैं।

नफरती भाषण: आजम की अपील पर तीन को सुनवाई

 सपा के वरिष्ठ नेता आजम खां की अपील पर बुधवार को कोर्ट में सुनवाई नहीं हो सकी। आजम के अधिवक्ता द्वारा कोर्ट में स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया, जिसे स्वीकार करते हुए कोर्ट ने सुनवाई के लिए तीन नवंबर की तारीख तय कर दी।

एडीओ सहकारिता अनिल चौहान ने शहजादनगर थाने में आजम खां के खिलाफ लोकसभा चुनाव के दौरान 2019 में नफरती भाषण देने का मुकदमा दर्ज कराया था। पुलिस ने विवेचना के बाद चार्जशीट कोर्ट में दाखिल की थी।

सुनवाई के बाद एमपी-एमएलए कोर्ट मजिस्ट्रेट ट्रायल ने आजम खां को 15 जुलाई को नफरती भाषण देने के मामले में दोषी मानते हुए दो साल की सजा व ढाई हजार रुपये का जुर्माना अदा करने की सुनाई थी।

निचली अदालत के फैसले के खिलाफ आजम खां ने एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट में अपील दाखिल की है, जिस पर सुनवाई चल रही है। 16 अक्तूबर को भी इस मामले की सुनवाई होनी थी, लेकिन बचाव पक्ष की ओर से स्थगन प्रार्थना पत्र दाखिल किया था, जिसे कोर्ट ने मंजूर कर लिया था।

एडीजीसी सीमा राणा ने बताया कि आजम खां के अधिवक्ता की ओर से कोर्ट में स्थगन प्रार्थना पत्र दिया गया। कोर्ट ने इस स्थगन पत्र को स्वीकार करते हुए मामले की सुनवाई के लिए तीन नवंबर की तारीख तय कर दी है। 

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