प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां ने राष्ट्रीय स्वयंसेवक संघ (आरएसएस) पर एक बार फिर हमला बोला है। उन्होंने आरएसएस को अंग्रेजों का हिमायती बताते हुए कहा कि इसी वजह से संघ टीपू सुल्तान को असहिष्णु शासक बता रहा है। टीपू सुल्तान की जयंती पर आयोजित कार्यक्रम का विरोध किया जा रहा है।
आजम खां ने कहा कि आजादी की लड़ाई में आरएसएस के लोग अंग्रेज के साथ थे और टीपू सुल्तान ने अंग्रेजों के खिलाफ लंबी लड़ाई लड़ी। नगर में शनिवार को जनरल अजीमुद्दीन खां के मकबरे के लोकार्पण के मौके पर आजम खां ने अभिनेता अनुपम खेर की ओर से अवार्ड वापसी के विरोध में दिल्ली में निकाले गए मार्च को भाजपा का मार्च बताया।
कहा कि मार्च में 14-14 साल के बच्चे शामिल थे। मार्च में ढोल, नगाड़े बजाए गए और भांगड़ा डाला गया। अनुपम खेर बुद्धिजीवी नहीं हैं, कलम का कलाकार बुद्धिजीवी होता है। अनुपम खेर की पत्नी भाजपा की सांसद हैं, इसलिए वो भाजपा की हिमायत कर रहे हैं।
आजम खां ने कहा कि अभी मुल्क में जो महौल बना हुआ है उसके लिए किसान, मजदूर और छात्र जिम्मेदार नहीं है। जिम्मेदार वो हैं जो संवैधानिक कुर्सियों पर बैठे हुए हैं। योग को धर्म से जोड़ दिया। योग तो सबका है। इंकलाब जिंदाबाद के नारे के साथ देश आजाद हुआ था। ये जरूरी नहीं है कि समाज में एक ही विचारधारा हो, एक ही धर्म हो।