कभी साइकिल से चलने वाले सपा सरकार में आजम खां की कृपा से ठेकेदार बन गए और रातोंरात करोड़ों में खेलने लगे। आजम खां के तमाम करीबी कुछ ही दिन में अपनी-अपनी कंस्ट्रक्शन कंपनी के मालिक बन बैठे। जब सत्ता परिवर्तन हुआ और आजम खां की मुश्किलें बढ़ीं तो कइयों ने आजम का साथ छोड़कर भाजपा का दामन थाम लिया। हालांकि, इसके बाद भी आयकर व ईडी के निशाने पर आने से नहीं बच सके। ऐसे कई ठेकेदारों के घरों पर भी शुक्रवार को आयकर विभाग ने छापा मारा। पिछले माह आजम खां के घर पड़े आयकर विभाग के छापे के बाद ऐसे ठेकेदारों की जानकारी मिली जिन्हें सपा सरकार में आजम खां की मदद से बड़े ठेके मिले।
जांच में सामने आया कि लखनऊ के आर्किटेक्ट अहमद हारुन की फर्म मस्टडम इनोवेशन प्राइवेट लिमिटेड को सपा सरकार में जल निगम और सीएंडडीएस के तमाम प्रोजेक्ट की डिजायन बनाने का काम दिया गया था। आजम के करीबी माने जाने वाले अहमद हारुन के दफ्तर से जौहर विश्वविद्यालय में हुए निर्माण कार्यों से संबंधित तमाम अहम दस्तावेज बरामद किए गये हैं। पिछली बार आजम और उनके करीबियों के ठिकानों पर मारे गये छापों में इन दस्तावेजों को खोजा जा रहा था, जो शुक्रवार को आर्किटेक्ट के दफ्तर से बरामद कर लिए गए।
आयकर विभाग की 12 टीमें शुक्रवार सुबह करीब आठ बजे रामपुर पहुंच गईं। टीमों ने शहर कोतवाली क्षेत्र के माला सिनेमा रोड स्थित पूर्व सभासद एवं ठेकेदार फरहत अली खां के यहां छापा मारा। वहीं, शाहबाद गेट के पास रहने वाले जुनैद, घेर नज्जू खां निवासी असद खां, झूले वाली इमली में नईम खां, लाल मस्जिद निवासी सिराज खां, मोहल्ला घेर तोगा में आजम के करीबी गालिब नूर ठेकेदार के घर भी छापा मारा। इसके अलावा आयकर की टीमों ने अजीतपुर में कृष्ण गोपाल, मुरसैना के हाजी हनीफ, खारीकुआं निवासी पूर्व प्रधान अनोखे अली, बाग छोटे साहब निवासी शाइन खां, हाजी सदाकत अली के भी यहां भी छापा मारा। टीम ने इसके अलावा मिलक में एक भाजपा नेता नन्हे राम पांडेय के आवास पर भी पहुंचकर जांच पड़ताल की।