साल 2019 में शहर कोतवाली में बेसिक शिक्षा विभाग के तत्कालीन नगर शिक्षाधिकारी प्रेम सिंह राणा ने अज्ञात के खिलाफ एक मुकदमा दर्ज कराया था। जिसमें आरोप था कि रामपुर पब्लिक स्कूल की मान्यता के लिए ली गई एक एनओसी पर तीन विद्यालयों का संचालन किया जा रहा था। पुलिस ने इस मामले में विवेचना करते हुए सपा नेता आजम खां की पत्नी डॉ. तजीन फात्मा और बीएसए दफ्तर के एक बाबू तौफीक अहमद के नाम शामिल करते हुए आरोपी बनाया था। इसके बाद पुलिस ने कुछ दिनों पूर्व ही इस मामले में सपा नेता एवं जौहर ट्रस्ट के अध्यक्ष आजम खां को भी आरोपी बनाया था। जिसके बाद कोर्ट ने छह मई को इस मामले में आजम खां के खिलाफ कस्टडी वारंट बनाकर सीतापुर जेल भेज दिया था।
वहीं, सपा नेता आजम खां की ओर से सुप्रीम कोर्ट में अपने अधिवक्ता के माध्यम याचिका दाखिल की थी। जिस पर सुनवाई करते हुए सुप्रीम कोर्ट ने आजम खां को सशर्त अंतरिम जमानत दे दी थी। साथ ही स्थाई जमानत के लिए दो सप्ताह का समय दिया गया था। जिसके बाद मंगलवार को आजम खां ने अपने अधिवक्ता जुबैर अहमद खां के माध्यम से कोर्ट में स्थाई जमानत के लिए प्रार्थना पत्र दिया। जिस पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने पुलिस से रिपोर्ट तलब की है। अब इस मामले की अगली सुनवाई 13 जून को होगी।