प्रदेश के नगर विकास मंत्री आजम खां ने रविवार को प्रधानमंत्री की बरेली में आयोजित किसान कल्याण रैली पर जमकर तंज कसे। कहा कि ये किसान रैली नहीं, चुनावी रैली थी। यूपी में 2017 में होने वाले विधानसभा चुनावों के मद्देनजर प्रधानमंत्री यहां माहौल खराब करने आए थे।
वो फासिस्ट ताकतों को मजबूत और सेक्यूलरिज्म को कमजोर करने बरेली आए थे। पत्रकारों से बातचीत में आजम खां ने कहा कि नरेंद्र मोदी ने लोकसभा चुनावों के दौरान जो वादे किए थे, वो अभी उधार हैं। मोदी ने सौ दिन के अंदर हर व्यक्ति के खाते में 20 लाख रुपये पहुंचाने, दो करोड़ लोगों को रोजगार देने और सभी को सौ दिन के अंदर बिजली देने का वादा किया था।
इस पर अभी तक तो अमल हो नहीं सका। प्रधानमंत्री किसानों को मिलने वाले मुआवजे को डेढ़ गुना तक बढ़ाने की बात कर रहे हैं। राज्य सरकारों से कह रहे हैं कि वो मुआवजा बढ़ा दें। मुआवजा केंद्र सरकार को देना चाहिए। पिछले दिनों केंद्र सरकार ने जिस मुआवजे की घोषणा की थी, वो भी राज्य सरकार को नहीं मिली।
अब प्रधानमंत्री घोषणा कर चुके थे, लिहाजा वो पैसा हमेें देना पड़ा। इससे हमारे बहुत से विकास कार्य रुक गए, क्योंकि किसान हमारी प्राथमिकता हैं। हम किसान को भूखा नहीं मरने देना चाहते। देश में सिर्फ यूपी ही ऐसा प्रदेश है जहां किसान की जमीन कर्ज लेने की बुनियाद पर बैंक उसे नीलाम नहीं कर सकता।
हमने बैंकों से ये अधिकार हमेशा के लिए खत्म कर दिया है। आजम खां ने कहा कि अंतरराष्ट्रीय बाजार में कच्चे तेल में गिरावट के बावजूद घरेलू बजार में डीजल, पेट्रोल, केरोसिन की कीमतें कम नहीं गई हैं। ये पैसा कहां गया? क्या पूंजीपतियों के खाते में गया।