फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

आ गया आजम के बाहर आने का वक्त: बेटे अब्दुल्ला भी होंगे रिहा, रामपुर जेल के बाहर लगा समर्थकों का जमावड़ा

Sat, 31 Oct 2026 05:14 PM IST
विकास कुमार न्यूज डेस्क, अमर उजाला, रामपुर

सार

आजम खां और अब्दुल्ला आजम की रिहाई की खबर फैलते ही रामपुर जेल के बाहर हलचल बढ़ गई। समर्थकों और परिचितों की आवाजाही तेज हो गई है। बड़ी संख्या में लोग जेल के बाहर पहुंचकर दोनों के बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं। 
विज्ञापन
रामपुर जेल से बाहर आएंगे आजम खां और अब्दुल्ला आजम - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन

विस्तार
वॉट्सऐप चैनल फॉलो करें

दो पैनकार्ड मामले में हाईकोर्ट से जमानत मिलने के बाद सपा नेता आजम खां और उनके बेटे अब्दुल्ला आजम की जेल से आज शाम करीब छह से सात बजे के बीच रिहाई हो सकती है। शुक्रवार को दोनों की जमानत से संबंधित हाईकोर्ट का आदेश एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में दाखिल करने और जमानत की शर्तें पूरी करने के बाद रिहाई परवाने जारी कर दिए गए। रिहाई से संबंधित लगभग सभी जरूरी परवाने जेल प्रशासन में दाखिल करा दिए गए हैं। अब जेल प्रशासन की ओर से दस्तावेजों का सत्यापन और अन्य औपचारिकताएं पूरी की जा रही हैं। इसके बाद दोनों की रिहाई का रास्ता साफ हो जाएगा। 

विज्ञापन

 

Trending Videos

रामपुर जेल के बाहर बढ़ी हलचल
आजम खां और अब्दुल्ला आजम की रिहाई की खबर फैलते ही रामपुर जेल के बाहर हलचल बढ़ गई। समर्थकों और परिचितों की आवाजाही तेज हो गई है। बड़ी संख्या में लोग जेल के बाहर पहुंचकर दोनों के बाहर आने का इंतजार कर रहे हैं। जेल के आसपास गहमागहमी का माहौल बना हुआ है। समर्थकों को उम्मीद है कि शुक्रवार देर शाम तक दोनों जेल से बाहर आ सकते हैं। शुक्रवार को आजम खां की ओर से 3.50 लाख रुपये और अब्दुल्ला आजम की ओर से 2.75 लाख रुपये नजारत में नकद जमा कराए गए। इसमें जुर्माने की आधी राशि और जमानतियों की रकम शामिल है। हाईकोर्ट ने दोनों को 50-50 हजार रुपये के दो-दो जमानती दाखिल करने और जुर्माने की आधी रकम जमा करने की शर्त पर जमानत दी थी। शर्तें पूरी होने के बाद एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने दोनों के रिहाई परवाने जारी कर दिए।

सात-सात साल की सजा के खिलाफ हाईकोर्ट पहुंचे थे आजम और अब्दुल्ला
दो पैनकार्ड मामले में एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट ने 17 नवंबर 2025 को आजम खां और अब्दुल्ला आजम को सात-सात साल कैद की सजा सुनाई थी। दोनों पर 50-50 हजार रुपये का जुर्माना भी लगाया गया था। इस फैसले के खिलाफ सरकार की ओर से अपील की गई थी। 23 मई को एमपी-एमएलए सेशन कोर्ट ने आजम खां की सजा सात साल से बढ़ाकर 10 साल कर दी थी, जबकि अब्दुल्ला आजम की सात साल की सजा बरकरार रखी थी। साथ ही आजम खां पर पांच लाख रुपये और अब्दुल्ला आजम पर 3.50 लाख रुपये का जुर्माना लगाया गया था। सेशन कोर्ट के इस फैसले को आजम खां ने हाईकोर्ट में चुनौती दी थी। बृहस्पतिवार को हाईकोर्ट ने दोनों की जमानत मंजूर कर ली। अदालत ने जुर्माने की आधी राशि जमा करने और 50-50 हजार रुपये के दो-दो जमानती दाखिल करने की शर्त रखी थी। इसके बाद शुक्रवार को हाईकोर्ट के आदेश की प्रति एमपी-एमएलए मजिस्ट्रेट कोर्ट में दाखिल की गई और जमानत की औपचारिकताएं पूरी की गईं।

आजम ने 3.50 लाख और अब्दुल्ला ने जमा कराए 2.75 लाख रुपये
जमानत की शर्तों के तहत आजम खां की ओर से पांच लाख रुपये के जुर्माने की आधी राशि यानी 2.50 लाख रुपये जमा कराए गए। इसके अलावा दो जमानतियों की कुल एक लाख रुपये की रकम भी जमा कराई गई। इस तरह कुल 3.50 लाख रुपये नजारत में जमा हुए। वहीं, अब्दुल्ला आजम की ओर से 3.50 लाख रुपये के जुर्माने की आधी राशि यानी 1.75 लाख रुपये जमा कराए गए। इसके साथ एक लाख रुपये जमानतियों की रकम भी जमा कराई गई। इस तरह उनकी ओर से कुल 2.75 लाख रुपये जमा किए गए। दोनों की ओर से निर्धारित शर्तें पूरी किए जाने के बाद कोर्ट ने रिहाई परवाने जारी कर दिए।
विज्ञापन

जेल प्रशासन की जांच के बाद होगी रिहाई
अदालत से रिहाई परवाने जारी होने के बाद अब पूरी प्रक्रिया जेल प्रशासन के स्तर पर है। जेल प्रशासन को यह सुनिश्चित करना है कि दोनों किसी अन्य मामले में निरुद्ध तो नहीं हैं। यदि किसी दूसरे मामले में गिरफ्तारी, निरुद्धता या कोई अन्य कानूनी अड़चन सामने नहीं आती है तो दोनों की रिहाई हो सकेगी। फिलहाल रिहाई से संबंधित लगभग सभी परवाने दाखिल होने के बाद दोनों के बाहर आने की संभावनाएं बढ़ गई हैं। जेल के बाहर समर्थकों की निगाहें अब प्रशासनिक प्रक्रिया पूरी होने पर टिकी हैं।
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें