कभी इस बैंक तो कभी दूसरे बैंक के एटीएम दौड़ते रहे लोग लेकिन नहीं मिल पाया कैश। इक्का-दुक्का एटीएम खुला भी मिला तो उसमें कैश ही नहीं था। लिहाजा लोग दिन भर लोग भटकते रहे। निराश होकर लोगों ने बैंकों में लंबी कतार लगाकर इंतजार करना ही उचित समझा। दो दिन की बंदी के बाद शुक्रवार को एटीएम खुलना था, लेकिन सरकार और प्रशासन के दावे खोखले साबित हुए। दिन भर एटीएम के शटर डाउन रहे, जिसकी वजह से आम पब्लिक परेशान रही।
दोपहर करीब तीन बजे एटीएम बंद था, लेकिन फिर भी लोग आकर एक बार दिल की तसल्ली करने जा रहे थे। यहां दोपहर तक भीड़ लगी हुई थी,लेकिन हालत खराब थी,जिसकी वजह से लोग परेशान दिखे। लोग इधर उधर भटकते हुए नजर आए। मगर, एटीएम कब चालू होगा इसको लेकर कोई भी जवाब देने को तैयार नहीं था।
यहां सुधीर कुमार और मोहम्मद रिजवान का कहना था कि एटीएम चालू होने को लेकर कोई भी जवाब नहीं दे रहा है।बैंक आफ बड़ौदा खौद, सैदनगर, लालपुर के एटीएम पर भी शहरी क्षेत्र की तरह ग्रामीण इलाकों के एटीएम पर भी नजर रही। लोग यहां पर परेशान दिखे। कई घंटे तक एटीएम के आगे भीड़ थी,लेकिन एटीएम के गेट पूरी तरह बंद थे।