एआरटीओ कौशलेंद्र प्रताप यादव पर आखिरकार चुनाव आयोग की गाज गिर ही गई है। चुनाव आयोग ने उन्हें रामपुर से हटाकर मुख्यालय अटैच कर दिया है, जबकि उनके स्थान पर मुख्यालय से संबद्ध रहे केडी सिंह को भेजा है। उनको स्वार-टांडा से बसपा प्रत्याशी नवेद मियां और रालोद प्रत्याशी आसिम खां की शिकायत के आधार पर हटाया गया है। एआरटीओ सूबे के कद्दावर मंत्री आजम खां के करीबी बताए जाते हैं।
चुनाव आयोग की नजर अब लंबे समय से जिले में तैनात रहने वाले अफसरों पर टिक गई है। चुनाव आयोग ने एआरटीओ प्रवर्तन कौशलेंद्र प्रताप सिंह को हटा दिया है। कौशलेंद्र को लखनऊ भेजा गया है, जबकि लखनऊ से केडी सिंह को रामपुर भेजा गया है। गौरतलब है कि कौशलेंद्र सूबे के नगर विकास मंत्री आजम खां के करीबी रहे हैं। उनकी शिकायत स्वार से बसपा प्रत्याशी नवेद मियां और शहर से रालोद प्रत्याशी आसिम खां ने चुनाव आयोग से की थी।
दोनों नेताओं ने एआरटीओ पर आजम के करीबी होने का आरोप लगाते हुए कार्रवाई न करने का आरोप लगाया था। आरोप था कि एआरटीओ आजम के समर्थन में प्रचार भी कर रहे हैं। उन पर कार्रवाई जरूरी है। विरोधियों की मांग पर आखिरकार चुनाव आयोग ने उन्हें हटा दिया है। इस कार्रवाई से विरोधियों ने राहत की सांस ली है।