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Rampur News: वैधता बरकरार होते हुए दूसरे पासपोर्ट के आवेदन में फंसा आरिफ, यात्रा की होगी जांच

Sat, 03 May 2025 01:12 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
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रामपुर। पासपोर्ट की वैधता बरकरार होने के बाद भी दूसरे के लिए आवेदन करने में आरोपी फंस गया। हैरत इस बात की भी है कि इसके आवेदन पर पुलिस ने भी अनुकूल रिपोर्ट भी लगा दी, लेकिन मामला पासपोर्ट कार्यालय में जांच के दौरान पकड़ गया। पासपोर्ट अधिकारियों का कहना है कि जब पहले से ही वैधता बरकरार है तो आरोपी अन्य पासपोर्ट के लिए आवेदन क्यों किया? इसके पीछे कई तरह के संदेह पासपोर्ट कार्यालय जता रहा है। इसी क्रम में पिछले दिनों पासपोर्ट अधिकारी ने आरोपी पर एफआईआर दर्ज कराई थी।
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एफआईआर के मुताबिक आरोपी अपने नाम से पहले से ही पासपोर्ट बनवा रखा है। अब पुलिस आरिफ और उसके भाई के पासपोर्ट पर यात्रा की जांच करने की तैयारी में है। यात्रा की जांच में पूरे प्रकरण का पटाक्षेप हो जाएगा। पुलिस की प्रारंभिक जांच में पता चला है कि तालबपुर गांव निवासी अहमद अली खां बुजुर्ग किसान हैं। उनके चार बेटे हैं। चारों पुत्रों में से आलिम खान दिल्ली व आरिफ पूना में काम करते हैं। नदीम ओमान में रहकर काम करता है और मोबीन गांव में ही खेती-किसानी करता है।
इस मामले में 25 अप्रैल को पासपोर्ट कार्यालय बरेली के अधिकारी शैलेंद्र ने थाने में एफआईआर दर्ज कराई थी। इसमें उन्होंने नामजद आरोपी का नाम आलिम खान उर्फ आरिफ खान और निवासी तालबपुर बताया है। शैलेंद्र ने पुलिस को तहरीर के साथ ही आरोपी के विरुद्ध कई सुबूत भी उपलब्ध कराए हैं। उन्होंने पुलिस को बताया है कि आरोपी ने नाम बदलकर एक से अधिक पासपोर्ट प्राप्त किए हैं। पासपोर्ट अधिकारी ने पुलिस से यह भी कहा है कि आरोपी के इस तरह के विवरण से स्पष्ट हो रहा है कि आलिम खान उर्फ आरिफ खान ने अपने व्यक्तिगत विवरण जैसे नाम, जन्मतिथि में 16 वर्षों का बदलाव किया है और तथ्यों को छिपाकर पासपोर्ट प्राप्त कर लिए हैं। आरोपी को जारी किए गए सभी पासपोर्ट का विवरण भी भोट थाना पुलिस को दिया गया है।
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विवेचक ने बरेली जाकर प्रमाणित कराए दस्तावेज
मामले की विवेचना कर रहे एसएसआई कृपाल सिंह ने बताया कि आरोपी से बयान नहीं हो पाए हैं। बृहस्पतिवार को बरेली स्थित पासपोर्ट अधिकारी कार्यालय गए थे। वहां मुकदमा वादी से बयान लिए हैं और उपलब्ध कराए गए विवरण को उनसे प्रमाणित कराया है। अब आगे की कार्रवाई के लिए तैयारी कर रहे हैं। देखा जाएगा कि आरोपी ने संबंधित पासपोर्ट पर यात्रा कहां-कहां की है।

आवेदन पर पुलिस ने भी लगा दी अनुकूल रिपोर्ट
एफआईआर में नामजद किए गए आरिफ खान को पहला पासपोर्ट एक जून 2011 को जारी हुआ था। जिसकी वैधता 31 मई 2021 तक थी। फिर दूसरे पासपोर्ट के लिए उसने 20 जून 2021 को सऊदी अरब के रियाध में स्थित भारतीय दूतावास में आवेदन किया था। इसकी वैधता 19 जून 2031 तक है। इन दोनों में उसने अपना नाम आरिफ खान, जन्मतिथि 15 जनवरी 1983, पिता का नाम अहमद अली और मां का नाम लईक जहां बताया था। अब सवाल यह है कि दूसरे पासपोर्ट की वैधता बरकरार हाेते हुए भी आरिफ खान ने फिर से 10 अक्टूबर 2024 को आवेदन कर दिया, जिससे वह पासपोर्ट अधिकारियों के संदेश के घेरे में है। इस नए आवेदन की फाइल पर बरेली पासपोर्ट कार्यालय को 10 अक्टूबर 2024 को पुलिस की ओर से रिपोर्ट अनुकूल ही प्राप्त हुई है।

आरिफ का सगा भाई है आलिम
एफआईआर में पासपोर्ट अधिकारी शैलेंद्र ने आलिम खान उर्फ आरिफ खान को नामजद किया है, जबकि पुलिस की प्रारंभिक जांच में पाया गया है कि आरिफ खान और आलिम दोनों सगे भाई हैं। आलिम अपने भाई आरिफ से 16 साल छोटा है। चूंकि, आलिम दिल्ली में रहकर काम करता है। इसके पास भी पासपोर्ट है, जिसकी वैधता 12 मार्च 2033 तक है।

वर्जन
आरोपी ने कुल तीन पासपोर्ट बनवाए हैं। जिसमें दो पासपोर्ट ठीक हैं। तीसरे पासपोर्ट में आयु का अंतर है। वैसे पासपोर्ट बनने के 10 साल बाद उसका नवीनीकरण होता है। अब हमें देखना है कि उसने यात्रा कहां-कहां की है। इसकी जांच हो रही है।
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- अमर सिंह राठौर, थानाध्यक्ष-भोट
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