शाहबाद (रामपुर)। प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की तारीफ के बाद पटवाई का तालाब अब अमृत सरोवर बनकर देेशभर में छा गया। तालाब को पहचान दिलाने में प्रशासनिक अफसरों और ग्राम पंचायत का अहम योगदान रहा। विकासखंड और ग्राम पंचायत के स्तर से तालाब को संवारने के लिए 57 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए, जिसका नतीजा यह रहा कि दो साल और नौ माह की मेहनत के बाद यह तालाब बनकर तैयार हुआ है।
प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने 2018 में कैच द रैन अभियान की शुरुआत की। इसके बाद तत्कालीन जिलाधिकारी व वर्तमान मंडलायुक्त आंजनेय कुमार सिंह ने पटवाई के तालाब को जल संरक्षण के लिए चयनित किया। उस समय इस तालाब की स्थिति बेहद खराब थी। चारों तरफ गंदगी थी। तालाब की जमीन पर कब्जे हो गए थे। तालाब के चयन के बाद सबसे पहले वहां से कब्जे हटाए गए। इसके बाद तालाब को संवारने के लिए 17 फरवरी 2020 को राज्यपाल आनंदी बेन पटेल ने पटवाई पहुंचकर शिलान्यास किया था। आजादी के 75वें वर्ष में आजादी का अमृत महोत्सव मनाया जा रहा है, जिसके बाद तालाब का नाम भी अमृत सरोवर के नाम पर रखा गया। तालाब को संवारने के लिए क्षेत्र पंचायत निधि से 27 लाख और ग्राम पंचायत निधि के 30 लाख रुपये यानी कुल 57 लाख रुपये उपलब्ध कराए गए। दो वर्ष नौ माह के बाद इसकी सूरत बदल गई। तालाब के किनारे रिटेनिंग वाल, चार दीवारी, लाइटें, फव्वारे, फूट कार्ट आदि बनाए गए हैं। सरोवर में वोटिंग का भी आनंद लिया जा सकता है। इसके लिए दो नावों का इंतजाम किया गया है। इसके चारों तरफ लोगों के बैठने के लिए छह बैंचें बनाई गई हैं। इसका निरीक्षण कुछ दिन पूर्व केंद्रीय मंत्री मुख्तार अब्बास नकवी ने भी किया था, जिन्होंने तालाब को देश का पहला अमृत महोत्सव बताया गया था। अब प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने रविवार को मन की बात कार्यक्रम के दौरान पटवाई के अमृत सरोवर का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि उन्हें बहुत अच्छा लगा कि अमृत सरोवर का संकल्प लेकर इस पर तेजी से काम शुरू हुआ। रामपुर की पटवाई ग्राम पंचायत में ग्रामसभा की भूमि पर तालाब था, जो वह गंदगी और कूड़े के ढेर से भरा हुआ था। अब इस तालाब का कायाकल्प हो गया है।