बिलासपुर/स्वार/सैदनगर (रामपुर)। रामपुर जिले से बाबा अमरनाथ यात्रा पर गए यात्री जम्मू कश्मीर के पंचतरणी, शेषनाग और बालटाल में सुरक्षित हैं। जबकि बिलासपुर के पांच यात्री बालटाल के रास्ते दूसरे मार्गों से रामपुर के लिए रवाना हो गए हैं। वहीं, छह यात्री लंगर सेवा में जुट गए हैं।
रामपुर से इस बार बड़ी तादात में लोग बाबा अमरनाथ जी के दर्शन करने के लिए गए थे। जिनमें से कुछ श्रद्घालु तो दर्शन कर वापस लौट आए हैं, जबकि कुछ श्रद्घालुओं को अब तक दर्शन नहीं हो सके हैं। रामपुर के करीब 65 से अधिक श्रद्घालु बाबा अमरनाथ की यात्रा में फंसे हुए थे। इनमें सैदनगर के 22 श्रद्घालु, मिलक व स्वार के दो फार्मासिस्ट जम्मू कश्मीर के बालटाल में फंसे हैं। जबकि, स्वार के तीन जत्थे रविवार को एक स्थान पंचतरणी में सुरक्षित स्थान पर पहुंच गए हैं। जिनमें 22 यात्री शामिल हैं। बिलासपुर के 11 श्रद्घालुओं में से पांच श्रद्घालु बालटाल के रास्ते रामपुर के लिए रवाना हो गए हैं, जबकि छह यात्री शेषनाग का रास्ता बंद होने की वजह से वहीं फंसे हुए हैं। वे वहां लंगर सेवा में जुट गए हैं। क्रिकेट खेलकर अपना वक्त काट रहे हैं। हस्त्रत्तलांकि, सभी श्सद्घालु पूरी तरह सुरक्षित हैं। वहीं, उत्तराखंड सीमा से सटी बत्रा कॉलोनी निवासी भाजपा नेता धर्मवीर मित्तल के अनुसार उनके पुत्र प्रमोद कुमार मित्तल एडवोकेट रुद्रपुर के लोगों के साथ बाबा अमरनाथ के दर्शन करने गए हुए हैं। लेकिन घटना के पूर्व ही वे दर्शन कर वहां से निकल चुके थे। रविवार को उनका जत्था सुरक्षित तरीके से जम्मू पहुंच गया है और रात में वह गरीब रथ ट्रेन से घर के लिए रवाना हो जाएंगे। सोमवार की दोपहर वह सभी घर पहुंचेंगे।