अक्षय तृतीया पर सर्राफा बाजार कहीं सूना रहा तो कहीं गर्माहट देखी गई। बड़े ज्वैलर्स के शाॅप पर तो दिन भर भीड़ देखी गई, लेकिन आम तौर पर बाजार में सिर्फ औपचारिकता दिखी। एक अनुमान के मुताबिक जिले भर में तकरीबन डेढ़ करोड़ रुपये का ही कारोबार हुआ है।
अक्षय तृतीय का दिन हिंदू समाज में महत्वपूर्ण माना जाता है। इस दिन बिना कोई मुर्हुत देखकर शुभ काम किया जा सकता है। अक्षय तृतीय पर जहां जोड़ियों का मिलन होता है,वहीं दूसरी ओर खरीदारी का महत्व है। खासतौर से ज्वैलरी खरीदने का विशेष महत्व है। यह सब शुभ माना जाता है। अक्षय तृतीय शुक्रवार को जिले भर में मनाया गया। इस दौरान शहनाइयां तो बजी ही साथ ही लोगों ने खरीदारी कर शगुन किया।
सर्राफा बाजार में कहीं सन्नाटा तो कहीं गर्माहट दिखी। मुहल्ला पुराना गंज का ज्वैलर्स बाजार सूना रहा। वहीं ज्वाला नगर, सर्राफा बाजार की दुकानों में भीड़ कम दिखी, लेकिन शहर के बड़े शोरूम माने जाने वाले शोरूम पर दिन भर भीड़ देखी गई। बाजार नोटबंदी का असर तो दिखा, लेकिन खास नहीं। रामपुर में करीब डेढ़ करोड़ रुपये का बिजनेस हुआ है।