रामपुर। 26 सितंबर को जिले में भारी बारिश के बीच वीबी जीरामजी योजना के तहत स्वार, मिलक, शाहबाद, सैदनगर और बिलासपुर ब्लॉक की कई ग्राम पंचायतों में एनएमएमएस एप पर श्रमिकों की हाजिरी दर्ज की गई थी। जांच के बाद विभाग ने इन हाजिरियों को शून्य कर दिया। साथ ही रोजगार सेवकों, एपीओ, ग्राम पंचायत सचिव और महिला मेट के खिलाफ कार्रवाई की गई।
उपायुक्त श्रम रोजगार अमित कुमार ने बताया कि मिलक की छह ग्राम पंचायतों में रोजगार सेवकों का सितंबर का मानदेय रोका गया। दुगनपुर की महिला मेट को पद से हटाया गया और एपीओ अमित कुमार वर्मा का मानदेय भी बाधित किया गया। स्वार की 11 ग्राम पंचायतों में रोजगार सेवकों का मानदेय रोका गया। डोकपुरी टांडा और जालिफनगला की महिला मेट को पद से हटा दिया गया तथा एपीओ विष्णु प्रताप सिंह का मानदेय रोका गया।
शाहबाद में रोजगार सेवक इंतजार अली और एपीओ पुनीत कुमार दीक्षित पर कार्रवाई की गई। बिलासपुर में ग्राम पंचायत सचिव राजवीर सिंह का वेतन बाधित किया गया। सैदनगर के जगतपुर में रोजगार सेवक इमरान को नोटिस दिया गया। उन्होंने जवाब में बारिश धीमी होने पर 10 श्रमिकों के काम करने का दावा किया है।
26 सितंबर को पांच ब्लॉकों में कुल 1008 श्रमिकों की हाजिरी एनएमएमएस एप पर दर्ज हुई थी। इन हाजिरियों के आधार पर करीब 3.24 लाख रुपये के भुगतान का मामला बनता था। जांच के बाद हाजिरी शून्य कर दी गई।
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भारी बारिश के बीच एनएमएमएस पर दर्ज उपस्थिति की जांच कराई गई। हाजिरी शून्य कर संबंधित कर्मचारियों का मानदेय बाधित किया गया है। जहां महिला मेट की भूमिका मिली, उन्हें पद से हटाया गया। संबंधित एपीओ के खिलाफ भी कार्रवाई की गई है। -अमित कुमार, उपायुक्त श्रम एवं रोजगार
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वीबी जीरामजी योजना से जिले में 35 हजार से ज्यादा परिवारों को मिला रोजगार
रामपुर। जनपद में वीबी जीरामजी योजना के तहत सितंबर तक निर्धारित लक्ष्य से अधिक मानव दिवस सृजित किए गए हैं। योजना से अब तक 35,065 ग्रामीण परिवारों को रोजगार मिला है। योजना के तहत 6.28 लाख मानव दिवस के लक्ष्य के मुकाबले 7.81 लाख मानव दिवस सृजित हुए हैं। यह लक्ष्य का 124.36 फीसदी है।
डीसी मनरेगा अमित कुमार के अनुसार, 25.44 करोड़ रुपये खर्च किए जा चुके हैं। व्यय और प्रगति में जिला प्रदेश के टॉप-10 जिलों में शामिल है। ग्रामीण क्षेत्रों में चकमार्ग, सीसी रोड, पंचायत भवन और तालाबों के जीर्णोद्धार जैसे विभिन्न कार्य कराए जा रहे हैं। योजना में अनुसूचित जाति के श्रमिकों ने 1.45 लाख और महिलाओं ने 2.20 लाख मानव दिवस सृजित किए हैं। जल संरक्षण के तहत 199 तालाब और 12.75 लाख पौधे लगाए गए हैं। इन प्रयासों से चार विकासखंड डार्क जोन से बाहर आए हैं। संवाद