रामपुर। पीएचसी में प्रसव के दौरान नवजात का हाथ टूटने के मामले को करीब 14 दिन बीत चुके हैं, लेकिन स्वास्थ्य विभाग ने अब तक कोई कार्रवाई नहीं की है। इस पर सवाल उठने के बाद सीएमओ डॉ. दीपा सिंह ने तीन सदस्यीय जांच टीम गठित की है।
टीम को तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। पीड़ित मजदूर दीपक का आरोप है कि प्रसव के दौरान नर्स ने नवजात को जोर से खींचा था। इसके बाद बच्चा लगातार रोता रहा और करीब दस दिन तक हालत में सुधार नहीं हुआ। परिजन उसे निजी अस्पताल ले गए, जहां जांच और एक्सरे में हाथ की हड्डी टूटी मिली। निजी अस्पताल में उपचार के बाद नवजात अब घर पहुंच चुका है। दीपक ने प्रसव के नाम पर सुविधा शुल्क लेने का भी आरोप लगाया है। विभाग में चर्चा है कि मामला अपने कर्मचारियों से जुड़ा होने के कारण कार्रवाई में देरी हो रही है। सीएमओ डॉ. दीपा सिंह ने बताया कि टीम को तीन दिन में रिपोर्ट देने के निर्देश दिए गए हैं। संवाद