नगर में मस्जिद कोहना कमेटी की भूमि को लेकर चल रहे विवाद को देखते हुए एसडीएम ने लेखपालों की टीम से भूमि की पैमाइश कराई है। इस दौरान टीम ने पालिका की ओर से पश्चिम दिशा में भूमि का चिह्नीकरण तथा नाला निर्माण को सही बताया है।
मोतीनगर मोहल्ला में स्लाटर हाउस के सामने पालिका सड़क तथा नाले का निर्माण करा रही है। इसमें मोहल्ला मस्जिद कोहना कमेटी ने पालिका पर मस्जिद की भूमि को नाला खुदाई में शामिल करने का आरोप लगाया है। इसे लेकर कमेटी और नागरिकों ने प्रदर्शन भी किया था।
लोगों ने एसडीएम से हस्तक्षेप कर पालिका की ओर से कराए जा रहे निर्माण को रुकवाने तथा मस्जिद की भूमि की पुन: पैमाइश कराने की मांग की थी। बुधवार दोपहर को एसडीएम ने 3 लेखपालों की टीम को मौके पर भेजा पहुंचा। इस दौरान मौके पर मस्जिद कोहना कमेटी के सदस्यों समेत भारी संख्या में भीड़ जमा थी।
लेखपालों ने कमेटी के दस्तावेज के अनुसार भूमि की पैमाइश पश्चिम दिशा से प्रारम्भ की। लेखपालों की टीम ने बताया कि मस्जिद कोहना कमेटी और भीड़ ने उन्हें पैमाइश पूर्ण नहीं करने दिया। इससे पैमाइश कार्य पुन: किया जायेगा। उनके द्वारा पश्चिम दिशा में की गई भूमि पैमाइश में पालिका का चिह्नीकरण सही पाया गया है।
वहीं नगर पालिका अध्यक्ष शहाबुद्दीन गौरी का कहना है की लेखपालों को पैमाइश कार्य पूर्ण नहीं करने दिया गया। कुछ असरदार लोगो ने मस्जिद की भूमि दबा रखी है। इसको जल्द ही कब्जा मुक्त कराया जायेगा। वहीं मस्जिद कोहना कमेटी का कहना है कि मस्जिद की भूमि को लेखपालों के टीम ने पैमाइश कर 1.97 डिसमिल बताया गया है।
कागज के अनुसार मस्जिद की 21 डिसमिल भूमि पर पालिका द्वारा कब्जा किया जा रहा है। उन्होंने एसडीएम टांडा से पालिका की ओर से किया गया निर्माण तुड़वाने तथा मस्जिद की भूमि का रकबा पूर्ण कराने की मांग की है।