टांडा। मृतक व्यक्ति के बैंक खाते में जमा 17.48 लाख रुपये कथित तौर पर धोखाधड़ी कर दूसरे खातों में ट्रांसफर कराने के मामले में एसपी के आदेश पर पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज की है। मामले में दो भाइयों, एक युवती और एसबीआई टांडा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक को नामजद किया गया है।
राहुपुरा निवासी मोहम्मद अली ने एसपी को दिए प्रार्थना पत्र में कहा था कि उसके पिता रियासत अली के एसबीआई टांडा स्थित खाते में बाग बेचने के बाद आठ मार्च 2025 को तीन चेकों से 24 लाख रुपये जमा हुए थे।
इलाज के दौरान मोहम्मद आरिफ ने अंगूठा लगाने वाली मशीन से 30-30 हजार रुपये की 14 बार में 4.20 लाख रुपये निकाले गए। आरोप है कि खाते में रकम बची होने की जानकारी होने पर मोहम्मद आरिफ ने तत्कालीन शाखा प्रबंधक के साथ मिलीभगत कर एक मई 2025 को अपने खाते में 4.80 लाख और अपने भाई मोहम्मद सलीम के खाते में 4.50 लाख रुपये ट्रांसफर करा लिए।
इसके बाद 31 मई को अलीशा के खाते में भी चार लाख और 4.18 लाख रुपये ट्रांसफर किए जाने का आरोप है। शिकायतकर्ता का कहना है कि उसके पिता की मृत्यु के बाद आरिफ वारिसान प्रमाण पत्र बनवाने और बैंक की रकम दिलाने का झांसा देकर उसे लगातार टालता रहा। आठ जुलाई 2026 को बैंक पहुंचने पर खाते में महज 34 रुपये बताए गए। स्टेटमेंट निकलवाने पर रकम दूसरे खातों में ट्रांसफर होने की जानकारी हुई।
पुलिस ने एसपी के आदेश पर मोहम्मद आरिफ, मोहम्मद सलीम, अलीशा और एसबीआई टांडा के तत्कालीन शाखा प्रबंधक के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कर जांच शुरू कर दी है।
सीओ पंकज पंत ने बताया कि एसपी के आदेश पर रिपोर्ट दर्ज की गई है। बैंक खाते से हुए लेनदेन और लगाए गए आरोपों की जांच की जा रही है। जांच में सामने आए तथ्यों के आधार पर कार्रवाई की जाएगी।