रामपुर। कीमती संपत्तियों को हड़पने के लिए फर्जी दस्तावेज तैयार करने, जालसाजी और मारपीट के आरोप में गंज पुलिस ने एक कारोबारी व उसके बेटे समेत पांच लोगों के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज की है।
कोर्ट के आदेश पर दर्ज हुई रिपोर्ट में आरोप है कि दिवंगत बेबी बेगम उर्फ जीनत बेगम के फर्जी हस्ताक्षर कर वर्ष 2017 में जाली वसीयत और स्पेशल पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार कराई गई। इसके बाद करीब एक हजार करोड़ रुपये की संपत्तियों को बेचने और खुर्द-बुर्द करने का प्रयास किया गया। पुलिस ने मामले की जांच शुरू कर दी है।
शहर के मोहल्ला घेर मुबारक शाह खां (पक्का बाग) निवासी शाही खां ने कोर्ट के माध्यम से गंज थाने में दर्ज कराई रिपोर्ट में आरोप लगाया है कि उनकी दिवंगत दादी बेबी बेगम उर्फ जीनत बेगम की संपत्तियों को हड़पने के लिए आरोपियों ने साजिश रची। आरोप है कि 17 जनवरी 2017 को बेबी बेगम के फर्जी हस्ताक्षर बनाकर वसीयत तैयार कराई गई।
इसके बाद 19 अगस्त 2017 को फर्जी स्पेशल पावर ऑफ अटॉर्नी तैयार कराई गई। इसी के आधार पर कीमती संपत्तियों की खरीद-फरोख्त और उन्हें खुर्द-बुर्द करने का प्रयास किए जाने का आरोप है।
शिकायतकर्ता के मुताबिक, वसीयत में किए गए हस्ताक्षरों की सात नवंबर 2025 को विशेषज्ञ से जांच कराई गई। जांच रिपोर्ट में हस्ताक्षर बेबी बेगम के न होकर फर्जी पाए जाने का दावा किया गया है।
तहरीर में यह भी आरोप लगाया गया है कि नगर पालिका रामपुर की नजूल श्रेणी की करीब 2400 वर्गगज जमीन को भी फर्जीवाड़े के जरिए बेचने का प्रयास किया गया। मामले की जानकारी मिलने के बाद प्रशासन ने कार्रवाई करते हुए जमीन को अपने कब्जे में लिया था।
शाही खां का आरोप है कि राजीव सिंघल की ओर से दाखिल एक परिवाद न्यायालय से खारिज होने के बाद आरोपी पक्ष उससे नाराज हो गया। आरोप है कि एक जुलाई 2026 को आरोपियों ने उसे घेर लिया और मारपीट करते हुए गालीगलौज की। इस दौरान जान से मारने की धमकी देने का भी आरोप लगाया गया है। शिकायतकर्ता के मुताबिक स्थानीय स्तर पर सुनवाई नहीं होने पर उसने कोर्ट की शरण ली।
सीओ अभिषेक श्रीवास्तव के अनुसार कोर्ट के आदेश के बाद गंज थाने में राजीव सिंघल, शुभम सिंघल और चार अज्ञात लोगों के खिलाफ मामला दर्ज कर लिया गया है। इसकी जांच की जा रही है।