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Rampur News: रामपुर में नहीं थम रहे हादसे, एक माह के भीतर 38 दुर्घटनाएं, 17 की मौत

Thu, 06 Feb 2025 12:22 AM IST
मुरादाबाद ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रामपुर
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रामपुर। ट्रैफिक नियमों की अनदेखी कहें या फिर कुछ और मगर, हकीकत यह है कि रामपुर में औसतन हर रोज एक हादसा हो रहा है। सड़क सुरक्षा माह में भले ही यातायात नियमों को लेकर सख्ती दिखाई हो। इसके बाद भी पूरे माह में 38 दुर्घटनाएं हुईं, जिसमें 17 लोगों को अपनी जान गंवानी पड़ी। ज्यादातर हादसे हाईवे पर हुए।
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ट्रैफिक व्यवस्था में सुधार हो इसके लिए भले ही सरकार नियम कायदे बना रही हो, लेकिन ट्रैफिक नियमों के प्रति लोग कम ही जागरूक होते हैं। शायद यही वजह है कि रामपुर की सड़कें खून से रंगी हुई हैं। यहां औसतन हर रोज एक हादसा होता है उसमें कहीं न कहीं किसी न किसी की जान चली जाती है।
यातायात नियमों को जागरूक करने के लिए परिवहन विभाग की ओर से जनवरी में सड़क सुरक्षा माह भी मनाया गया। इस दौरान ट्रैफिक नियमों को लेकर परिवहन विभाग और पुलिस ने सख्ती दिखाई। इसके बाद भी यहां हर रोज हादसे होते रहे। रामपुर में सड़क सुरक्षा माह के तहत तमाम जागरूकता अभियान चलाए गए। इसके बाद भी हादसे लगातार होते रहे।
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जनवरी में हुए हादसों पर गौर किया जाए तो पिछले माह 31 दिन में 38 हादसे हुए, जिसमें 17 लोगों की जान चली गई, जबकि 31 लोग घायल हो गए। ज्यादातर हादसे लखनऊ-दिल्ली हाईवे, बाईपास, कोसी पुल व अन्य स्थानों पर हो रहे हैं। हादसे लगातार बढ़ने के पीछे कहीं न कहीं ट्रैफिक नियमों की अनदेखी भी है।
ट्रिपल राइडिंग और सीट बैल्ट न होने की वजह से यह हादसे हो रहे हैं। इसके साथ ही हेलमेट को लेकर भी लोगों की जागरूकता न होने की वजह से लोगों को खासी परेशानी हो रही है। नियमों की अनदेखी की वजह से लगातार हादसे बढ़ रहे हैं।

रामपुर में हादसों पर नजर
कुल हादसे-38
कुल मौत-17
गंभीर घायल-31
मामूली घायल-25
(यह आंकड़े एक जनवरी 2025 के हैं)
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2024 में हादसों पर नजर
कुल हादसे-246
कुल मौत-278
गंभीर घायल-299
मामूली घायल-178
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जनवरी में तीन हजार का चालान
सड़क सुरक्षा माह के तहत जिलेभर में पुलिस ने सघन चेकिंग अभियान चलाया। इस दौरान पूरे माह में करीब तीन हजार वाहन चालकों का चालान किया गया। इस दौरान जुर्माना भी वसूला गया। इसके अलावा परिवहन विभाग ने भी चालान की कार्रवाई की।

नो हेलमेट-नो फ्यूल की व्यवस्था भी लागू
हादसों को रोकने के लिए परिवहन विभाग के माध्यम से नो हेलमेट-नो फ्यूल की व्यवस्था लागू की गई है। प्रशासन ने इसको लेकर आदेश जारी कर दिया है, जिसके बाद पंपों पर बिना हेलमेट के ईंधन नहीं मिल रहा है।


यहां होते हैं सबसे ज्यादा हादसे
हाईवे पर कोसी जीरो प्वाइंट, पसियापुरा बाईपास, मंसूरपुर बाईपास, शहजादनगर जीरो प्वाइंट, धमोरा, मिलक में बाईपास, नैनीताल रोड पर बिलासपुर गेट, चाकू चौराहा, बिलासपुर में बाईपास, स्वार रोड पर मंडी समिति चौराहा, खौद चौराहा, स्वार बाजपुर रोड, रामपुर दढि़याल मार्ग, शाहबाद रोड पर रायपुर, पटवाई रोड, रामगंगा पुल।

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जानलेवा साबित हो रहे डंपर
सड़क पर दौड़ रहे डंपर जानलेवा साबित हो रहे हैं। खासतौर से स्वार, शाहबाद व बिलासपुर रोड पर खनन से भरे डंपर तेज गति से दौड़ रहे हैं। खनन से भरे डंपरों की वजह से दिक्कत हो रही है। डंपरों की वजह से पिछले छह माह में ही करीब छह से ज्यादा लोगों की मौत हो चुकी है।

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आईरेड के जरिये होती है हादसों की निगरानी
जिले में होने वाले हादसों की निगरानी के लिए केंद्र सरकार के सड़क एवं परिवहन मंत्रालय की ओर से आईरेड पोर्टल संचालित किया जा रहा है। इसके जरिये हर जिले में होने वाले हादसों का डाटा तैयार किया जाता है। आईरेड के जरिये पुलिस के साथ ही कई विभागों को जोड़ा गया है। इसके अलावा स्वास्थ्य विभाग, परिवहन विभाग, मोटर दुर्घटना प्रतिकर कोर्ट समेत अन्य विभागों को शामिल किया गया है। यह सभी विभाग हादसों की वजह जानने की कोशिश करेंगे।

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आईरेड के जरिये कई विभागों को जोड़ा गया है, जिसमें मुख्य रूप से पुलिस व परिवहन के साथ ही स्वास्थ्य विभाग को शामिल किया गया है। सभी विभाग हादसों की वजह जानने की कोशिश करते हैं। -मोहम्मद नाजिम, जिला रोल आउट मैनेजर
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