रामपुर। फेसबुक पर हुई दोस्ती ने धर्म की दीवार को भी तोड़ दिया। छत्तीसगढ़ की अलीशा ने हजारों किलोमीटर की दूरी तय कर रामपुर पहुंचकर प्रेमी जोगेंद्र के साथ प्रेम विवाह किया और फिर वह अलीशा से आदिति बन गई।
युवती के परिजन छत्तीसगढ़ पुलिस के साथ उसे लेने भी आए, लेकिन हिंदू संगठन ने उसे ले जाने नहीं दिया। मामला पुलिस तक पहुंचा। पुलिस ने जांच पड़ताल की और युवती के बालिग होने व उसकी मर्जी के अनुसार प्रेमी के साथ जाने की इजाजत दे दी।
मामला दो प्रदेशों के साथ ही दो धर्मों के बीच का है। शहर कोतवाली क्षेत्र के सैनी नगर बस्ती निवासी 21 वर्षीय जोगेंद्र सैनी की मुलाकात फेसबुक के जरिए रामपुर से हजारों किलोमीटर दूर छत्तीसगढ़ के दुर्ग जिला के थाना खुर्शीपार भिलाई निवासी अलीशा खातून से करीब डेढ़ साल पहले हुई थी।
बातचीत के दौरान दोनों के बीच प्रेम संबंध हो गए। पुलिस के मुताबिक, 10 मई को अलीशा अपना घर छोड़कर प्रेमी के पास आ गई। उसके गायब होने पर परिजनों ने थाना खुर्शीपार भिलाई में उसकी गुमशुदगी दर्ज करा दी थी। छत्तीसगढ़ पुलिस उसे तलाश करते हुए 25 जून को रामपुर पहुंची थी।
थाना खुर्शीपार के एएसआइ सुरेंद्र सिंह राजपूत के साथ युवती की मां परवीन बेगम और भाई मोहम्मद समीर भी यहां आए थे। छत्तीसगढ़ पुलिस युवक और उसके परिजन को लेकर पुलिस अधीक्षक दफ्तर पहुंचे। छत्तीसगढ़ पुलिस ने युवती की गुमशुदगी दर्ज होने और उसकी बरामदगी की जानकारी पुलिस अधीक्षक को दी। साथ ही युवती को साथ ले जाने की अनुमति मांगी।
मामले की भनक हिंदू संगठन को लग गई। हिंदू संगठन के पदाधिकारी भी वहां आ गए। युवती के बालिग होने और मर्जी से युवक के साथ रहने की जानकारी दी। पुलिस अधीक्षक ने मामले की जांच शहर कोतवाली पुलिस को सौंप दी। पुलिस ने युवती के बालिग होने की पुष्टि की और उसके बयान दर्ज किए। दो दिन पहले पंजाबनगर के शिवमंदिर में दोनों का विवाह कराया गया।
विहिप धर्म प्रसार प्रमुख शाखा के जिला प्रमुख अविनाश पटेल ने बताया कि युवक और युवती दोनों ही बालिग हैं। छत्तीसगढ़ पुलिस युवती की तलाश में यहां आई थी, लेकिन युवती ने परिजनों के साथ जाने से इन्कार कर दिया। अब दोनों का विवाह करा दिया गया है।
वर्जन
छत्तीसगढ़ पुलिस आई थी। लड़की बालिग थी। लड़की जाने को राजी नहीं थी। इसलिए पुलिस ने उसके बयान दर्ज कर लिए हैं। लड़की की शादी होने की भी जानकारी सामने आई है। पंकज पंत, सीओ सिटी