रामपुर। कड़ाके की सर्दी में शहर में जो अलाव जल रहे है वो लकड़ियों की कमी से घंटे भर भी नहीं टिक रहे। कई जगह ऐसी हैं, जहां लकड़ियां नहीं पहुंच रही हैं। ऐसे में लोग सड़कों और फुटपाथों पर कचरा बीनकर जलाने को मजबूर हैं।
सर्दी शुरू होने के साथ नगर पालिका ने जिस तेजी के साथ अलाव जलाए वो धीरे-धीरे बुझने लगे। शहर के 33 जगहों को चिन्हित करने के बाद उन प्वाइंटों पर शुरुआत में अलाव जलवाए जा रहे थे। बड़ी लकड़ियां और डीजल डालकर अलाव जलाए जा रहे थे। जिससे काफी लोग ताप रहे थे।
खासतौर पर रेलवे स्टेशन और रोडवेज पर ज्यादा भीड़ लग रही थी और लोग ताप रहे थे। यही नहीं जेल रोड, अस्पताल, हामिद इंटर कॉलेज और अन्य कई जगहों पर यह जल रहे थे, लेकिन अब जब सर्दी ज्यादा पड़ रही है तो धीरे-धीरे अलाव तेजी पकड़ने की जगह बुझते नजर आ रहे हैं। रात के समय रेलवे स्टेशन पर अलाव ठंडा मिला। यही नहीं रोडवेज पर मात्र तीन लकड़ियां जलाई गई थी जो घंटे भर भी नहीं जल सकीं।
यही नहीं किला गेट चौराहे पर भी नाममात्र को अलाव रखा दिखाई दिया। सिर्फ दो लकड़ी रखी गई थी जो ढंग से जली भी नहीं। कोहरे और ठंडी हवा के चलते अलाव दोबारा नहीं जल सके। यही हाल अस्पताल की तरफ रहा, यहां रस्म अदायगी की तरह अलाव जलाया गया। जबकि शाहबाद गेट पर वह भी नहीं जल सका।
हामिद चौराहे पर अब तक अलाव की एक लकड़ी नहीं दिख सकी। हाल यह है कि अधिकांश जगह ऐसी हैं जहां पर अलाव जले ही नहीं, सिर्फ कागजों तक रस्म अदायगी हो रही है। कचरा बीनकर जो लोग अलाव जला रहे थे, उनका कहना था कि इस बार अलाव के नाम पर सिर्फ एक या दो लकड़ी रखकर जा रहे हैं, फिर दोबारा दिखाई नहीं दिए। लकड़ी कम रखने की शिकायत कई जगहों से आ रही है। इसके अलावा ज्वालानगर, बिलासपुर गेट, राजद्वारा, गुइया तालाब और किला गेट पर भी अलाव की स्थिति खराब है।