रामपुर। करीमगंज की राणा और बिलासपुर चीनी मिल ने किसानों का बकाया भुगतान कर दिया, जबकि त्रिवेणी पर 16.48 करोड़ रुपये फंस गए। भुगतान के लिए मिल को फिर नोटिस थमाया गया है। अधिकारी अब समितियों के कमीशन भुगतान के लिए दबाव बना रहे हैं।
चीनी मिले पिछले साल भी समय से गन्ने का भुगतान नहीं कर सकीं हैं। भुगतान के लिए प्रशासन के साथ अदालत ने भी मिलों पर शिकंजा कसा। राणा के खिलाफ रिपोर्ट भी दर्ज कराई जा चुकी है। चूंकि अब पेराई का नया सत्र शुरू होने वाला है। लिहाजा भुगतान के लिए मिलों पर और दबाव बनाया गया। जिला गन्ना अधिकारी आरएस कुशवाहा के मुताबिक करीमगंज की राणा और बिलासपुर मिल ने किसानों को पिछले साल का भुगतान कर दिया। त्रिवेणी पर अभी भी भुगतान बकाया है। डीसीओ के मुताबिक भुगतान के लिए राणा को फिर नोटिस जारी किया गया है। हालांकि मिलों पर समितियों का कमीशन अभी भी बाकी है। डीसीओ के मुताबिक राणा पर रामपुर और मिलक समिति के 3.54 करोड़, त्रिवेणी पर 2012-13 के2.15, 2011-12 के 63 लाख रुपये बकाया हैं। कमीशन भुगतान के लिए मिलों को नोटिस जारी किया गया है। चूंकि कमीशन न मिलने से समितियों के कामकाज पर बुरा असर पड़ रहा है। अगर यही स्थिति रही तो कर्मचारियों को वेतन भी नहीं मिल सकेगा।