रामपुर। शहर के 18 फीडरों पर 95 प्रतिशत तक बिजली चोरी हो रही है, लेकिन इसके बाद भी स्थानीय कर्मचारी चोरी पकड़ने में नाकाम रहते हैं। जबकि, विजिलेंस और मेरठ के अफसरों को बड़े पैमाने पर बिजली चोरी मिल जाती है। इससे साफ है कि क्षेत्रीय कर्मचारियों की भी साठगांठ रहती है। लिहाजा, अब विभाग की ओर से तीन माह तक विशेष चेकिंग अभियान चलाया जाएगा।
जिले में हर माह करोड़ों रुपये की बिजली चोरी हो रही है। आलम यह है कि रामपुर शहर प्रदेश के उन चुनिंदा जिलों में शामिल है, जहां सर्वाधिक बिजली चोरी है। हालांकि, विभाग की ओर से नियमित चेकिंग अभियान चलाए जाते हैं, लेकिन स्थानीय कर्मचारियों को बड़ी चोरी नहीं मिलती। ऐसे में अब विभाग की ओर से प्रत्येक बिजलीघर के फीडरों को चिन्हित किया गया है, जहां सबसे ज्यादा बिजली चोरी होती है। इसमें काफी चौंकाने वाली बात सामने आई। शहर के आठ बिजलीघर क्षेत्रों में 18 फीडरों पर 81 प्रतिशत से लेकर 95 प्रतिशत तक बिजली चोरी हो रही है। इसमें सबसे आगे रजा इंटर कालेज और पहाड़ी गेट बिजलीघर क्षेत्र के सबसे अधिक चार-चार फीडर शामिल हैं। ऐसे में विभाग की ओर से तीन माह का विशेष चेकिंग अभियान चलाने का निर्णय लिया गया है। अधिशासी अभियंता भीष्म कुमार की मानें तो तीन माह की चेकिंग अभियान में बिजली चोरी करने वालों के अलावा विभाग के कर्मचारियों और अधिकारियों की जिम्मेदारी तय की जाएगी, ताकि क्षेत्रीय स्तर पर गंभीरता से निगरानी की जा सके।