सैदनगर। एक व्यक्ति के किए की सजा पूरे गांव ने भुगती। कुछ यही हाल नगलिया आकिल में गोवंशीय पशु के वध के बाद हुआ। रोकने गई पुलिस पर हुए हमले के बाद पूरे गांव में दहशत का माहौल व्याप्त हो गया। पूरे गांव में सन्नाटा पसर गया। महिलाएं घरों में कैद हो गईं,जबकि ज्यादातर गांव के पुरुष गांव से ही खिसक लिए। पूरे गांव में पुलिस बल तैनात कर दिया गया है।
शासन गोवंशीय पशुओं का वध रोकने के लिए लगातार चेतावनी जारी कर रहा था,वहीं दूसरी ओर धर्मगुरू भी लगातार गोवंशीय पशुओं का वध नहीं करने की अपील कर रहे हैं। पुलिस गोवंशीय पशुओं का वध रोकने के लिए सक्रिय नजर आ रही थी,लेकिन इसके बाद भी गोवंशीय पशुओं की कुछ लोगों ने वध कर दिया। गोवंशीय पशुओं के वध की सूचना पर जब पुलिस ने नगलिया आकि गांव में छापेमारी की तो आरोपियों ने हमला कर दिया । हमले के बाद हमलावर तो फरार हो गए। हमले के बाद पूरे गांव में अफरातफरी का माहौल पैदा हो गया और जब पुलिस एक्शन में आई तो पूरा गांव दहशत में आ गया। पूरे गांव को छावनी में तब्दील कर दिया गया। पुलिस और पीएसी के जवानों को मौके पर तैनात कर दिया गया। गांव की गलियों में सन्नाटा पसर गया। गांव में घरों में महिलाएं ही थीं। ज्यादातर पुरुष घर से खिसक चुके थे। गांव के लोगों के चेहरे पर दहशत का माहौल साफ देखा जा सकता था।
जुमे की नमाज भी नहीं पढ़ सके लोग
सैदनगर। नगलिया आकिल गांव में हुए बवाल के बाद दहशत के माहौल के बीच गांव की मस्जिदों में नमाजियों की संख्या कम रही। दहशत के मारे तमाम लोग गांव छोड़ चुके थे,जिसके चलते जुमे की नमाज में काफी कम संख्या में लोग यहां पहुंचे।
राइस मिल पर भी लटके ताले
सैदनगर। नगलिया आकिल में पुलिस पर हुए हमले के बाद गांव में एक दर्जन से ज्यादा राइस मिलों पर ताले लटके रहे। यहां पर ताले लटके होने से चावल का कारोबार पूरे दिन ठप रहा,जिससे राइस मिल मालिकों को मायूसी हुई। इसके अलावा सब्जी का बाजार भी नहीं लगा। यहां हर रोज सब्जी का बाजार लगता है,लेकिन शुक्रवार को हुए बवाल के बाद सब्जी की दुकानें भी नहीं लगीं।
ग्रामीणों ने पुलिस पर लगाया लूटपाट का आरोप
सैदनगर। नगलिया आकिल में पुलिस पर हुए हमले के बाद एक्शन में आई पुलिस पर ग्रामीणों ने लूटपाट का आरोप लगाया है। उनका कहना है कि पुलिस ने तमाम लोगों के साथ बदसलूकी की गई साथ ही लूटपाट भी की गई। गांव के अख्तर अली का आरोप है कि उनका मकान हमलावरों से काफी दूर है,लेकिन पुलिस उनके घर में घुस गई,जिसके बाद पुलिस ने उनके घर में घुसकर लूटपाट की। इसी तरह फिरासत ने भी एक लाख रुपये की लूटपाट करने और सामान को तोड़फोड़ करने का आरोप लगाया। रियासत का आरोप है कि पुलिस ने उसके घर में तोड़फोड़ की विरोध करने पर पीटा । साथ ही 40 हजार रुपये छीन लिए गए। अफसर अली का कहना है कि पुलिस ने उसके यहां से 89 हजार रुपये लूट लिए। साथ ही वाशिंग मशीन और अन्य घरेलू सामान तोड़फोड़ कर दी। अख्तर अली का भी आरोप है कि पुलिस ने उसके घर में भी तोड़फोड़ की और मारपीट कर जेवरात लूट लिए गए। असगर अली का कहना है कि पुलिस ने उसके घर में भी तोड़फोड़ की। साथ ही लूटपाट भी की। उनका कहना है कि उनका तो कोई कसूर भी नहीं था,लेकिन फिर भी उनको निशाने पर लिया गया। हालांकि पुलिस लूटपाट और तोड़फोड़ की घटना से इंकार किया है।