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Rampur News: रामपुर के 641 और लोगों को भारत की नागरिकता का इंतजार

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रामपुर। जिले में रहने वाले एक पाकिस्तानी और 13 बांग्लादेशी मूल के लोगों को भारतीय नागरिकता मिल जाने के बाद बिलासपुर क्षेत्र के 641 लोगों को भारतीय नागरिकता मिलने का इंतजार है। इन सभी दावेदारों की जांच चल रही है। दावा किया जा रहा है कि जल्द ही कुछ और लोगों को नागरिकता मिल जाएगी।
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केंद्र सरकार ने नागरिकता संशोधन अधिनियम लागू किया है। इस अधिनियम के तहत पाकिस्तान, बांग्लादेश और अफगानिस्तान जैसे पड़ोसी देशों से भारत में शरण लेने वाले हिंदू, सिख, बौद्ध, जैन, पारसी और ईसाई शरणार्थियों को नागरिकता प्रदान की जाती है। इसके तहत उन लोगों को भारत की नागरिकता दी जाती है, जो लोग 31 दिसंबर 2014 से पहले भारत आए थे।
यह कानून लागू होने के बाद केंद्र सरकार की ओर से इसके लिए एक अलग से पोर्टल विकसित किया गया है। इसके साथ ही जिला स्तरीय कमेटी भी गठित की गई है, जिसमें डाक विभाग के साथ ही इंटेलीजेंस ब्यूरो व सूचना विज्ञान केंद्र (एनआईसी) के अफसरों को शामिल किया गया है।
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ऑनलाइन पोर्टल पर अब तक 655 लोगों ने आवेदन किया है, जिसमें से अब तक 14 लोगों को भारत की नागरिकता मिल चुकी है। एक पाकिस्तानी महिला को भी भारत की नागरिकता मिल चुकी है। आवेदन की प्रक्रिया पूरी होने के बाद अब इन सभी के कागजातों की जांच चल रही है। उम्मीद जताई जा रही है जल्द ही इन लोगों को भी भारत की नागरिकता मिल सकती है।




नागरिकता के नियम
यह कानून नागरिकता अधिनियम, 1955 में संशोधन करता है। जिससे इन समुदायों के शरणार्थियों के लिए नागरिकता प्राप्त करने की प्रक्रिया आसान हो जाती है। जिले में 655 लोगों ने भारतीय नागरिकता के लिए आवेदन किया है, जिसमें से अब तक 14 लोगों को भारत की नागरिकता मिल चुकी है। आवेदनपत्रों की जांच की जा रही है। जिला स्तरीय कमेटी की संस्तुति के बाद प्रदेश स्तरीय कमेटी की बैठक में आवेदकों को नागरिकता मिल सकेगी। यह बैठक लखनऊ में होगी।
- एनके दूबे अध्यक्ष जिला स्तरीय सीएए कमेटी

इन लोगों को मिली है भारत की नागरिकता
बिलासपुर क्षेत्र के मानपुर के रविंद्र विश्वास, गौतम कुमार बढ़ई, प्रकाश बढ़ई, मदन मोहन बढ़ई, महानंद बढ़ई, रविंद्र सरकार, गोपाल तरफदार, शांति भंडार, अमूल्य मलिक, लक्ष्मी राय, वीरेंद्र, निकिता दास शामिल हैं। इसके अलावा विश्वास तपन और पाकिस्तान की मूल नागरिक पूनम भी शामिल हैं।

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बिलासपुर क्षेत्र में 14 हजार शरणार्थी
बिलासपुर के बंगाली बाहुल्य गांव अशोकनगर उर्फ मानपुर ओझा उर्फ बंगाली कालोनी, गोकुलनगरी और दिबदिबा आदि गांवों में शरणार्थियों की आबादी लगभग साढ़े 14 हजार हैं। इनमें कुछ को तो नागरिकता दी गई और उन्हें सरकार ने पुनर्वास के तहत प्रति परिवार पांच एकड़ भूमि पंजीकृत पट्टे के रूप में भी दी जा चुकी है।

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हर सप्ताह होती है जिला स्तरीय समिति की बैठक
जिला स्तरीय समिति के अध्यक्ष एनके दूबे का कहना है कि नागरिकता लेने के लिए आवेदन ऑन लिया किया जाता है। जिसके बाद जिला स्तरीय समिति की बैठक होती है। जिसमें आवेदक को जिला मुख्यालय बुलाया जाता है। यहां पर सभी कागजी कार्रवाई करनी होती है। इसके बाद जिला स्तरीय समिति प्रदेश स्तरीय कमेटी को नागरिकता देने की संस्तुति करती है। इसके बाद माह में एक बार प्रदेश स्तरीय कमेटी की बैठक होती है, जहां से संस्तुति के बाद आवेदक की जांच के बाद नागरिकता प्रदान कर दी जाती है।
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