ज्यूरी(रामपुर बुशहर)। कोरोना की दूसरी लहर के बाद से बंद मां भीमाकाली मंदिर के कपाट वीरवार को श्रद्धालुओं के लिए खुल गए हैं। पहले ही दिन सैकड़ों श्रद्धालुओं ने सराहन में माता के मंदिर में पहुंचकर दर्शन किए।
श्रद्धालु मंदिर में सुबह से ही छोटी-छोटी टोलियों में पहुंचना शुरू हो गए थे। मंदिर न्यास के कर्मचारियों ने कोरोना नियमों का पालन करवाते हुए भक्तों को माता के दर्शन करवाए। हालांकि इस दौरान श्रद्धालुओं को गर्भगृह में जाने का की इजाजत नहीं दी गई। भक्तों को आखिरी द्वार से माता के दर्शन करवाए गए।
भीमाकाली माता मंदिर में प्रसाद ले जाने और तिलक लगाने पर अभी प्रतिबंध है। मंदिर प्रबंधन ने भीमाकाली मंदिर में सामाजिक दूरी का पालन करवाया। इस दौरान भक्तों को मास्क पहनना अनिवार्य रखा गया था। इसके साथ ही भक्तों को मंदिर में किसी भी चीज को छूने की मनाही थी।
मां भीमाकाली मंदिर के मुख्य पुजारी पूर्ण शर्मा ने बताया कि मंदिर खुलने के पहले दिन श्रद्धालु सुबह से ही माता के दर्शन के लिए आना शुरू हो गए थे। मंदिर के खुलने के पहले दिन करीब चार सौ श्रद्धालुओं ने माता के दर्शन किए। लोग मां के जयकारे लगाते हुए पहुंचे और मां के दर्शन किए। प्रबंधन ने भक्तों की सुरक्षा के लिए सभी प्रकार के इंतजाम किए थे।
मां भीमाकाली मंदिर न्यास के उपाध्यक्ष एवं एसडीएम रामपुर सुरेंद्र मोहन ने बताया मंदिरों में सरकार की जारी एसओपी का पालन करते हुए दर्शन करवाए जा रहे हैं। मंदिर में सामाजिक दूरी और अन्य नियमों का सख्ती से पालन किया जा रहा है।