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Rampur News: मुठभेड़ को 36 घंटे बीते, अब तक केस दर्ज नहीं

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स्वार। सलारपुर रेंज में वन तस्करों की फायरिंग के मामले में पुलिस ने रिपोर्ट दर्ज नहीं की है। इस बीच सोमवार की रात तस्करों ने फिर से वारदात को अंजाम देने का प्रयास किया, लेकिन इस बार वन सुरक्षा कर्मी सतर्क थे। इस कारण वे रेंज कार्यालय में नहीं घुस पाए।
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रविवार की रात हुई मुठभेड़ के मामले में बीट प्रभारी ने तस्करों को चिन्हित कर मिलक खानम पुलिस को तहरीर दी थी लेकिन पुलिस ने 36 घंटे बीतने के बाद भी केस दर्ज नहीं किया है।
वन रेंजर मुजाहिद हुसैन ने बताया कि सोमवार की देर रात सलारपुर वन रेंज कार्यालय की उत्तरी दिशा से वन तस्करों ने फिर परिसर में घुसने का प्रयास किया। वन सुरक्षा कर्मी रविवार की रात हुई घटना के कारण सतर्क थे। आहट सुनाई देने पर उन्होंने तस्करों को ललकारा तो उन्होंने गालियां देना शुरू कर दीं।
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इस बार तस्करों की ओर से कोई फायरिंग नहीं हुई। वन कर्मियों ने उन्हें दूर तक खदेड़ दिया। इस तरह रेंज कार्यालय परिसर में पड़ी खैर की लकड़ी चोरी होने से बच गई।
वन रेंजर ने बताया कि रविवार की रात हुई घटना की रिपोर्ट यदि मिलक खानम पुलिस दर्ज कर लेती तो सोमवार की रात तस्कर फिर से वारदात को अंजाम देने का प्रयास नहीं करते। उनका कहना है कि अब तो जंगल की सुरक्षा के साथ वन कर्मियों को अपनी जान की रक्षा करना पड़ रही है।
इस बीच सलारपुर वन रेंज कार्यालय परिसर में तस्करों और वन सुरक्षा कर्मियों के बीच हुई मुठभेड़ के मामले में बीट प्रभारी जगवती की ओर से पुलिस को पांच तस्करों के नामजद तहरीर दी गई थी, जिसे दर्ज नहीं किया गया है।
तहरीर में बताया गया है कि छानबीन में पता चला कि कंगनगढ़ी थाना मिलकखानम के तीन, गदरपुर के गुलाब का मझरा का एक और बिलासपुर कोतवाली क्षेत्र के बेरखेड़ी गांव का एक तस्कर वारदात में शामिल थे।
उधर, मिलक खानम थाना इंस्पेक्टर निशा खटाना का कहना है कि तहरीर मिली है। जांच की जा रही है, जांच के बाद जो तथ्य सामने आएंगे उसके अनुसार अग्रिम कार्रवाई की जाएगी।
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