रामपुर। तापमान में उतार-चढ़ाव के चलते बच्चे टायफाइड की चपेट में आ रहे हैं। जिला अस्पताल में प्रतिदिन 70 से 80 बच्चे उपचार के लिए पहुंच रहे हैं। एक सप्ताह में टायफाइड बुखार से पीड़ित 22 बच्चों को भर्ती किया जा चुका है।
जिला अस्पताल की ओपीडी में शुक्रवार को 1022 पर्चे बने। इनमें सर्दी-खांसी जुकाम के मरीजों की संख्या अधिक रही। बाल रोग विशेषज्ञ के पास 80 से अधिक लोग बच्चों का इलाज कराने के लिए पहुंचे। बाल रोग विशेषज्ञ डॉ. विजेंद्र गजराज ने बताया कि मौसम में गर्मी और नमी दोनों है। बच्चों की रोग प्रतिरोधक क्षमता कम होती है। इसलिए वे बीमारियों की चपेट में जल्दी आ जाते हैं। अभी छह से 14 साल आयु के बच्चों में टायफाइड की समस्या अधिक मिल रही है। कुछ बच्चों में उल्टी, जी मिचलाने, पेट के ऊपरी हिस्से में दर्द और भूख न लगने की समस्या भी थी। उन्होंने अभिभावकों को मेडिकल स्टोर से दवा लेने के बजाय विशेषज्ञ चिकित्सकों से इलाज का सुझाव दिया है। शुक्रवार को जिला अस्पताल के बच्चा वार्ड में बुखार से पीड़ित आठ बच्चों को भर्ती कराया गया।
नेत्र रोग विभाग में पहुंचे 60 मरीज
नेत्र रोग विभाग में 60 मरीजों ने पहुंचकर अपना इलाज कराया है। इनमें से करीब 50 मरीज आंखों में संक्रमण की समस्या से पीड़ित थे। इनको आंखों में डालने के लिए ड्रॉप दिया।