रामपुर/टांडा। ठंड के यू-टर्न ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। दिन ढलने के बाद से लेकर सुबह तक घने कोहरे की चादर तनी रही तो वहीं शीतलहर ने शरीर को सुन्न सा कर दिया। सुबह स्कूल को निकले मासूमों को ठंड के प्रकोप का सबसे अधिक सामना करना पड़ा।
जनवरी माह में साफ हुए मौसम के बाद लोगों ने राहत की सांस ली थी लेकिन, फरवरी की शुरुआत से ही एक बार फिर ठंड की वापसी ने लोगों की मुश्किलें बढ़ा दी हैं। सोमवार दिन ढलने के बाद से ही कोहरा छाना शुरू हो गया जो कि सुबह करीब 11 बजे तक रहा। घने कोहरे में वाहन चालकों को काफी परेशानी हुई। सड़क व रेल यातायात प्रभावित रहा। दिन में भी वाहन चालकों को लाइट जलाकर ही गुजरना पड़ा तो वहीं सबसे अधिक मुश्किल स्कूल जाने वाले नन्हे-मुन्नों को हुई। प्ले ग्रुप और प्राइमरी वर्ग के छोटे-छोटे बच्चों को गलन और भीषण सर्दी में ही तैयार होकर घने कोहरे में स्कूल के लिए निकलना पड़ा। दिन में चली शीतलहर ने दोपहिया वाहनों पर लोगों के हाथ-पैर सुन्न कर दिए। वहीं दिन में निकली धूप से घरों में लोगों को मामूली राहत महसूस हुई लेकिन, आने वाले दिनों में भी मौसम का यही मिजाज रहने की आशंका है। जिससे बच्चों और बुजुर्गों को काफी परेशानी का सामना करना पड़ेगा।
टांडा नगर में बीत चार से दिन जारी कोहरे और तेज हवाओं का प्रकोप मंगलवार को भी जारी रहा। जहाँ घने कोहरे में लोग धूप को तरसते रहे। हाड़ कंपा देने वाली ठंडी हवाओं ने लोगों को घरों में छुपने पर विवश कर दिया।
बीते शुक्रवार से खराब हुआ टांडा का मौसम मंगलवार को भी खराब ही रहा। सुबह की शुरुआत घने कोहरे से हुई वही दिन निकली हल्की धूप के बाद शाम गहराते ही कोहरे का प्रकोप छा गया। रात में सड़कों पर हाल यह था कि बहुत पास आने पर ही आगे चल रहे वाहन का पता चल पा रहा था। ऐसे में वाहन चालकों को वाहनों की रफ्तार काफी धीमी रखनी पड़ी और वाहन चालक एक दूसरे के पीछे कतार लगाकर चलते रहे। घने कोहरे के चलते जहाँ सुबह में आसपास की चीजें भी साफ दिखाई नहीं दे रहीं थीं वही स्कूली छात्र- छात्राएं स्कूल जाने पर विवश रहे।