श्रम विभाग में लाखों का घपला, पूरे विभाग पर कार्रवाई का फंदा
रामपुर। श्रम विभाग में लाखों का घपला पकड़ में आया है। इसकी जांच के लिए जिला स्तरीय कमेटी गठित कर दी गई है। विभाग संविदा कर्मिोयों पर खासा मेहरबान है। यहां पर गैर हाजिर रहने वाले संविदा कर्मियों को भी मानदेय जारी किया जा रहा था। इसके अलावा बजट के उपभोग से लेकर कई योजनाओं में घपला किया जा रहा है। इसका खुलासा जिलाधिकारी के छापे के दौरान हुआ है। डीएम ने दूसर दिन भी इस विभाग पर छापेमारी की तो कई गड़बड़ी सामने आई हैं। घपले की आशंका को देखते हुए जिला स्तरीय जांच कमेटी गठित कर दी है। इसके साथ ही सहायक श्रमायुक्त के खिलाफ विभागीय कार्रवाई करने की संस्तुति करते हुए 3 संविदा कर्मियों की सेवा समाप्त करने की संस्तुति की गई है।
स्वास्थ्य विभाग के बाद अब श्रम विभाग में लाखों के घपले का मामला सामने आया है। जिलाधिकारी शिव सहाय अवस्थी ने छापेमारी के बाद यहां चल रहे कामकाज में घपले की आशंका जाहिर की है। जिलाधिकारी ने सोमवार को सहायक श्रमायुक्त कार्यालय का फिर से निरीक्षण किया। निरीक्षण के दौरान श्रम कार्यालय की पत्रावलियों का गहराई से अवलोकन किया गया। इस दौरान पत्रावलियों में कई गड़बड़ियां सामने आईं। यहां पाया गया कि यहां तैनात छह सविदा कर्मिोयों में से कई कर्मचारी ऐसे हैं जो गैरहाजिर रहते हैं,लेकिन उनका मानदेय जारी किया जा रहा है। इसके अलावा पाया गया कि चालू वित्त वर्ष में सरकार की ओर से विभाग को 84.80 लाख रुपये का बजट आया था। जिसमें बताया गया कि 45 लाख का उपभोग भी कर लिया गया है। इसके अलावा यहां चलाई जा रही शिशु हित लाभ योना में 35 लाख का बजट आवंटित होने की बात कही, जिसमें 12.20 लाख का उपभोग होना बताया गया, लेकिन विभाग के दूसरे लेखाकार के आंकड़े कुछ अलग ही बोल रहे थे। यह भी पाया कि इस योजना में 24.80 लाख की डिमांड और कर दी गई। यह भी बताया गया कि कई संविदा कर्मी गैर हाजिर रहते हैं,लेकिन मानदेय उनको जारी कर दिया जाता है,जिस पर गैर हाजिर रहने वाले तीन संविदा कर्मियों की सेवा समाप्त करने के भी आदेश दिए गए हैं। डीएम ने घपले की आशंका को देखते हुए जिला स्तरीय जांच कमेटी गठित कर दी है। डीएम ने बताया कि घपलेबाजों को किसी भी कीमत पर बख्शा नहीं जाएगा।