ट्रेन से कटकर उत्तराखंड की शिक्षिका की मौत
रामपुर।
रुद्रपुर से अपने भाई से मिलने बंगलूरू जा रही एक शिक्षिका का ट्रेन में चढ़ते वक्त पैर फिसल गया,जिससे उनकी मौत हो गई। हादसे के बाद परिवार के लोग शव को बिना पोस्टमार्टम के ही अपने साथ ले गए।
मूल रूप से बनारस निवासी राजेंद्र प्रसाद उत्तराखंड के ऊधमसिंहनगर (रुद्रपुर) के इंटर कालेज में अपने परिवार के साथ रहते हैं। राजेंद्र प्रधानाचार्य के पद से रिटायर्ड हो चुके हैं। राजेंद्र अपनी बेटी अपर्णा के साथ अपने बेटे से मिलने के लिए बंगलूरू जा रहे थे। इसके लिए वह शनिवार की रात में वह रामपुर पहुंचे,जहां उन्होंने फैजाबाद से नई दिल्ली जाने वाली ट्रेन को पकड़ना था। रात करीब डेढ़ बजे ट्रेन के आने पर पिता पुत्री ट्रेन में सवार होने की कोशिश करने लगे। इस बीच ट्रेन में चढ़ते वक्त अपर्णा का पैर फिसल गया। बताया जाता है कि इस बीच ट्रेन आगे की ओर चल दी,जिससे अपर्णा प्लेटफार्म और ट्रेन के बीच फंस गई। अपर्णा की चीख सुनकर आसपास के लोग मौके की ओर दौड़े और फिर किसी तरह लोगों ने किसी तरह बाहर निकाला। इस बीच ट्रेन की भी चेन पुलिंग कर दी गई। मामले की जानकारी मिलते ही जीआरपी भी मौके पर पहुंच गई। जीआरपी ने गंभीर हालत में अपर्णा को अस्पताल में भर्ती कराया। बताया जाता है कि ट्रेन की चपेट में आने से अपर्णा की टांग कट गई थीं। अस्पताल मे उपचार के दौरान ही अपर्णा ने कुछ ही देर में दम तोड़ दिया। घटना के बदहवास पिता ने मामले की जानकारी रात में ही ऊधमसिंहगर में अपने परिवार वालों को दी। सूचना मिलने के बाद परिवार के लोग भी रामपुर पहुंच गए। बाद में परिवार के के लोगों ने शव का पोस्टमार्टम न कराने की बात कही,जिस पर जीआरपी मान गई और फिर परिवार के लोग शव को लेकर चले गए।