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दहेज हत्या के आरोपी पति को 10 वर्ष का कठोर कारावास, सास बरी

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रामपुर। मिलक थाना क्षेत्र के सिहारी गांव में साल 2019 में हुई दहेज हत्या के एक मामले में एडीजे प्रथम कोर्ट ने आरोपी पति को दस वर्ष कठोर कारावास और 20 हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। साथ ही मामले में आरोपी सास को साक्ष्य के अभाव में कोर्ट ने बरी कर दिया है।
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मिलक कोतवाली क्षेत्र निवासी ओमप्रकाश ने अपनी पुत्री सुषमा की शादी 21 जून 2018 को सिहारी गांव निवासी हरिशंकर उर्फ पप्पू के साथ की थी। ओमप्रकाश का आरोप था कि शादी के कुछ समय बाद ही ससुराल वाले दहेज में दो लाख रुपये की मांग करने लगे। मांग पूरी न करने पर ससुरालीजन उनकी बेटी को प्रताड़ित करने लगे। इस दौरान साल 2019 में दहेज की मांग की खातिर उसकी बेटी सुषमा की गला घोटकर हत्या कर दी गई। इस मामले में मिलक कोतवाली में ओमप्रकाश ने पति हरिशंकर उर्फ पप्पू, सास मंदोदरी उर्फ मुन्नी देवी के खिलाफ दर्ज कराई थी। मामले में बृहस्पतिवार को एडीजे प्रथम धीरेंद्र कुमार की कोर्ट में सुनवाई हुई। जिसमें अभियोजन की ओर से सहायक शासकीय अधिवक्ता सीमा सिंह राणा द्वारा वादी मुकदमा सहित आठ गवाह कोर्ट में पेश किए गए और आरोपियों को कड़ी सजा देने की मांग की। जबकि बचाव पक्ष के अधिवक्ता ने तर्क दिया कि घटना का कोई स्वतंत्र साक्षी नहीं है और गवाहों के बयानों में विरोधाभास है। दोनों पक्षों की दलीलें सुनने के बाद कोर्ट ने हरिशंकर उर्फ पप्पू को दहेज हत्या के आरोप में दोषी मानते हुए 10 वर्ष के कठोर कारावास और बीस हजार रुपये जुर्माना अदा करने की सजा सुनाई है। कोर्ट ने मामले में साक्ष्य के अभाव में सास मंदेदरी उर्फ मुन्नी देवी को बरी कर दिया है।
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