उत्तर प्रदेश में गोरखपुर के मानबेला में विजय शंखनाद रैली के दौरान भाजपा के राष्ट्रीय अध्यक्ष राजनाथ सिंह ने कहा कि गरीबी का कोई मजहब नहीं होता लेकिन उत्तर प्रदेश की सपा सरकार गरीबी भी मजहब के आधार पर ही दूर करने के लिए योजनाएं बना रही है। नौजवान देश की सबसे बड़ी पूंजी है, यह सरकार उनके प्रति भी भेदभाव कर रही है।
उन्होंने कहा कि प्रदेश में विद्यार्थियों को धर्म और संप्रदाय के नाम पर स्कॉलरशिप दी जा रही है। उन्होंने कहा कि सत्ता में आने के पहले सपा ने ढेर सारे सपने दिखाए थे लेकिन दो साल में ही सभी टूट गए।
सपा पर बरसते हुए कहा कि उनके (सपा के) मायने में राजनीति केवल सरकार बनाने के लिए ही की जाती है। मुजफ्फरनगर दंगे पर वह बोले, प्रदेश सरकार अगर सूझबूझ का परिचय देती तो इसे रोका जा सकता था लेकिन उसने तो दंगे को और बढ़ा दिया।
मोदी के पीएम उम्मीदवारी पर सोनिया के कटाक्ष पर तंज कसते हुए उन्होंने कहा कि ‘सूप बोले तो बोले चलनी का बोले’। इसी तरह प्रधानमंत्री डॉ मनमोहन पर भी व्यंग्य करते हुए उन्होंने कहा कि अगर मोदी के प्रधानमंत्री बनने से देश को खतरा है तो उनके प्रधानमंत्री कार्यकाल के 10 सालों में कौन सा आबाद हो गया।
उन्होंने कहा कि पूर्वांचल में गरीब बहुत हैं। लोग संकट के दौर से गुजर रहे हैं और जिसे उन्होंने बागडोर सौंपी वे उनसे क्रूर मजाक कर रहे हैं। इंसेफेलाइटिस से हर साल सैकड़ों लोगों की मौत हो जा रही है। किसानों का न धान खरीदा जा रहा न गेहूं। चीनी मिल मालिकों के साथ मिलकर सरकार गन्ना किसानों का उत्पीड़न कर रही हैं।
उन्होंने कहा कि हमारी सरकार आई तो इन सभी समस्याओं से निजात मिलेगी। किसानों के लिए कृषि आमदनी बीमा योजना लागू की जाएगी और बुवाई के पहले ही खेत की न्यूनतम आमदनी तय कर दी जाएगी।