रिक्शा चौपाल के बहाने शनिवार को वाराणसी में राहुल गांधी ने आमजन से जुड़ी समस्याओं पर चर्चा की।
सड़क की बदहाली का मुद्दा हो या फिर शिक्षा की असमानता, शनिवार को कैंट स्टेशन पर आयोजित रिक्शा चौपाल में कांग्रेस के राष्ट्रीय उपाध्यक्ष ने विभिन्न मुद्दों पर पार्टी का नजरिया स्पष्ट करते हुए सभी को आश्वस्त किया कि उनके घोषणा पत्र में यह मुद्दे प्रमुखता से शामिल होंगे।
पूरा अमला रहा राहुल के साथ मौजूद
इसीलिए वह देश में घूम-घूम कर विभिन्न कामगार वर्ग के लोगों से मिलकर उनकी समस्याओं पर बात कर रहे हैं।
चौपाल के दौरान केंद्रीय मंत्री आस्कर फर्नांडिज ने रिक्शा चालकों को आश्वासन दिया कि स्वास्थ्य बीमा योजना के तहत उन्हें भी कवर किया जाएगा।
संवाद के दौरान राहुल गांधी के सामने रिक्शा चालकों ने पुलिस उत्पीड़न, सड़क की समस्या, हफ्ताबंदी को लेकर सभी पार्टियों द्वारा अनदेखी करने का मुद्दा उठाया।
रिक्शा चालकों ने अपनी मेहनत को कमतर आंककर खुद को हिकारत के नजरिये से देखने पर सवाल किया।
जाना रिक्शेवालों का दर्द
राहुल ने इस दौरान रिक्शा चालकों, आटो रिक्शा और कुलियों से उनकी समस्या, घर-परिवार की स्थिति, बच्चों की पढ़ाई और मिलने वाली सरकारी सुविधाओं के बारे में भी सवाल किया। रिक्शा चालकों ने उनसे आपबीती भी सुनाई।
राहुल ने समस्याएं सुनने के बाद रिक्शा चालकों से स्पष्ट कहा कि वह किसी को मुफ्त में रिक्शा या आटो रिक्शा नहीं दिला सकते लेकिन उनकी मूलभूत समस्याओं को दूर करने का काम कर सकते हैं।
उन्होंने रिक्शा चालकों के दर्द पर मरहम लगाते हुए कहा कि एक दिन रिक्शा चलाकर भी वह रिक्शा चालकों का दर्द नहीं समझ सकते। उन्होंने कहा कि इसलिए वह लोगों से बात करने आए हैं ताकि उनसे जुड़े मुद्दों को घोषणापत्र में शामिल किया जा सके।
यूपी से साधा बिहार पर निशाना
चौपाल में शामिल कामगारों ने जब सड़कों की बदहाली का मुद्दा उठाया तो राहुल ने यूपी और बिहार सरकार पर निशाना साधते हुए कहा कि यहां विकास की बात ही नहीं होती।
यहां की सड़कें नेताओं और ठेकेदारों के लिए बनाई जाती हैं न कि आम आदमी के लिए।
इससे पूर्व राहुल 11.00 बजे विशेष विमान से बाबतपुर एयरपोर्ट पहुंचे। यहां कांग्रेस नेताओं से मुलाकात की और प्रदेश प्रभारी मुधसूदन मिस्त्री व प्रदेश अध्यक्ष निर्मल खत्री के साथ सड़क मार्ग से कैंट स्टेशन पहुंचे। उन्होंने यह भी कहा कि पहले जो दो-चार लोग बैठकर घोषणापत्र बना देते थे वह अब अलग-थलग हैं।
काशी विश्वनाथ मंदिर में किया दर्शन
राहुल गांधी दोपहर करीब ढाई बजे काशी विश्वनाथ मंदिर पहुंचे। उन्होंने रुद्राभिषेक किया और मंदिर की परंपरा और प्राचीनता की जानकारी ली।
इस दौरान अर्चकों ने उनसे मंदिर के तीसरे शिखर को स्वर्ण मंडित कराने का आग्रह किया। राहुल ने इस मांग को पूरा कराने का आश्वासन दिया।