उत्तर प्रदेश के हमीरपुर और सलेमपुर में राहुल गांधी की 22 अक्तूबर को होने वाली रैली टाल दी गई है। इसका कारण करवा चौथ के व्रत को बताया गया है।
उधर, रामपुर और अलीगढ़ में हुई राहुल गांधी की रैलियों को लेकर पार्टी हाईकमान प्रदेश कांग्रेस की तैयारियों से संतुष्ट नहीं है। दरअसल, हाईकमान को मिली रिपोर्ट के अनुसार राहुल की इन रैलियों में प्रदेश कांग्रेस ज्यादा से ज्यादा लोगों को जुटा पाने में नाकाम रहा।
हमीरपुर और सलेमपुर की रैलियों को टालने के पीछे इसे भी कारण बताया जा रहा है। माना जा रहा है कि हाईकमान ने इस बार प्रदेश कांग्रेस को रैली के लिए पूरा होमवर्क करने को कहा है।
उत्तर प्रदेश में लोकसभा चुनाव से काफी पहले ही चुनावी रैलियों की बाढ़ आ गई है। आने वाले महीनों में भाजपा के प्रधानमंत्री पद के उम्मीदवार नरेंद्र मोदी यूपी में कई रैलियां करने जा रहे हैं।
मोदी के 19 अक्टूबर को कानपुर में रैली करने की बात है। सपा और बसपा भी अगले महीनों में एक दर्जन से ज्यादा रैलियां करने की योजना बना रही हैं।
ऐसे में कांग्रेस पर भी राहुल और सोनिया की ज्यादा से ज्यादा रैलियां कराने का दबाव है। मगर सूत्र बताते है कि रामपुर और अलीगढ़ की रैली को लेकर हाईकमान का मानना है कि दोनों रैलियां उम्मीद पर खरी नहीं उतरीं।
प्रदेश कांग्रेस को अब अगली रैलियों के लिए जोर-शोर से तैयारियां करने के निर्देश दिए गए हैं। हमीरपुर और सलेमपुर में अब त्योहारों के बाद ही रैली करने की बात है।