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सता रही चिंता, अब कैसे चलेगा घर

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महराजगंज (रायबरेली)। शराब कांड में 10 लोगों की मौत के बाद उनके परिवार के लोगों के सामने रोजी-रोटी का संकट खड़ा हो गया है। सभी इस बात से परेशान हैैं कि उनके घर के मुखिया की मौत हो गई है। वही इकलौते कमाने वाले थे। अपनों को याद करके परिवारीजन रह-रहकर रो पड़ते हैं। पहाड़पुर निवासी मृतक सरोज कुमार यादव अपने पीछे दो बेटियों साक्षी (9), मीनाक्षी (5) को छोड़ गया है। उसके नाम महज 10 बिस्वा जमीन थी। प्लाईवुड फैक्टरी में मजदूरी करके परिवार की जीविका चलाता था। मृतक रामसुमेर का विवाह नहीं हुआ था। मजदूरी का काम करता था और दिव्यांग था। उसके पास भी 10 बिस्वा जमीन थी। मृतका सुखरानी अपने पीछे चार बेटे अशर्फीलाल, जवाहरलाल, शुभम, सत्यम को छोड़ गई है। बेटा अशर्फीलाल का अस्पताल में इलाज चल रहा है। सभी मजदूरी करते थे। मां की मौत से बेटों के आंसू नहीं थम रहे हैं।
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मृतक पंकज सिंह अपने पीछे पत्नी बरखा के अलावा दो बेटियों महिमा सिंह (6), गरिमा सिंह (4) को छोड़ गया है। मृतक सिंचाई विभाग में बेलदार के पद पर काम करता था। उसके नाम आठ विस्वा जमीन थी। मृतक चंद्रपाल दिहाड़ी मजदूरी करता था। वही घर में इकलौता कमाने वाला था। घर में पत्नी सुनीता के अलावा दो बेटी व एक बेटा है। मृतक बंसीलाल भी दिहाड़ी मजदूरी करता था। घर में पत्नी शांति देवी के अलावा दो लड़कियां और दो लड़के हैं। बंसीलाल की मौत से पत्नी और बच्चों में कोहराम मचा है। मृतक कल्लू खेती किसानी करके परिवार के लिए दो वक्त की रोजी-रोटी जुटाता था।
घर के इकलौते थे राज बाबू व कासिम
मध्य प्रदेश के नौगवां छतरपुर निवासी राजबाबू (30) पुत्र शकूर अहमद महराजगंज क्षेत्र के थुलवांसा स्थित भट्ठे पर मजदूरी करने आया था। मृतक अपने पीछे पत्नी के अलावा दो बेटी तथा एक बेटा को छोड़ गया है। पत्नी का नाम हिना है। अभी तीन महीने पहले ही यह यहां काम करने आए थे। मृतक अपने माता-पिता का इकलौता चिराग था। पत्नी का कहना है कि अब क्या घर जाकर बताऊंगी। हमीरपुर जिले के राठ थाना क्षेत्र के होता निवासी कासिम (35) भी भट्ठे पर तीन माह पहले मजदूरी करने आया था। मृतक कासिम के दो बेटे हैं। पत्नी का नाम जुलेखा खातून है। घर में इनके पास लगभग दो बीघे के आसपास जमीन है। मृतक माता-पिता का इकलौता था।
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पुुलिस वाले नहीं करा रहे थे पोस्टमार्टम
अमावां। ब्लॉक क्षेत्र के जतुुआ टप्पा निवासी मिश्रीलाल की भी जहरीली पीने से मौत हो गई। इससे घर में कोहराम मचा है। बेटे महेश कुमार ने पिता ठेके पर से देशी शराब पीकर आए थे। 26 जनवरी को अचानक पिता की हालत बिगड़ गई। सीएचसी महराजगंज के बाद जिला अस्पताल पहुंचाया, जहां देर शाम मौत हो गई। पोस्टमार्टम ना कराकर पिता के शव को घर भेजवा दिया गया। इस पर हम लोगों ने नाराजगी जताई। बाद में महराजगंज कोतवाल नारायण कुशवाहा पुलिस टीम के साथ मौके पर पहुंचकर शव को कब्जे में लेकर पोस्टमार्टम के लिए भेजा। पिता की मौत के बाद बेटे के आंसू नहीं थम रहे हैं।
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