फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
विज्ञापन

काम का दबाव व टेंशन बना रहा मानसिक रोगी

Tue, 11 Oct 2016 12:04 AM IST
रायबरेली/ अमर उजाला ब्यूराे
विज्ञापन
मरीज - फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
दफ्तर और व्यापार को लेकर बढ़ता काम का दबाव और टेंशन स्वास्थ्य के लिए हानिकारक है। इसकी वजह से लोग तमाम तरह के मानसिक रोगों के शिकार हो रहे हैं। यही वजह है कि जिले में मानसिक रोगों की संख्या दिनों दिन बढ़ती जा रही है।
विज्ञापन


इससे बचने के लिए लोगों को अपने रहन सहन में बदलाव लाना होगा। ये विचार सीएमओ डॉ. राकेश कुमार ने जिला अस्पताल स्थित टेलीमेडिसिन सेंटर में मानसिक स्वास्थ्य दिवस के मौके पर व्यक्त किए। 

सीएमएस डॉ. एनके श्रीवास्तव ने कहा कि अपनों से बढ़ती दूरियां भी मानसिक रोग की वजह है। पहले लोग संयुक्त परिवार में रहते थे। एक-दूसरे का दुखदर्द बांट लेते थे तो तनाव नहीं रहता था। वहीं अब किन्हीं न किन्हीं वजह से लोग परिवार के साथ नहीं रह पा रहे हैं।
विज्ञापन


काम की व्यस्तता के कारण दूसरों से बातें करने का वक्त तक लोग नहीं निकाल पाते। इससे तनाव बढ़ता जाता है और लोग मानसिक रोगी हो जाते हैं। जिला अस्पताल के मानसिक रोग विशेषज्ञ डॉ. प्रदीप कुमार ने बताया कि यह रोग एक तरह का मानसिक विकार है।

जब लोग सामान्य से अलग व्यवहार करने लगते हैं तो उसे मानसिक रोगी कहते हैं। साइकोसिस, न्यूरोसिस, साइकोफेनिया, डिप्रेशन, सीजर डिसआर्डर समेत कई तरह की मानसिक बीमारियां होती है। सबसे ज्यादा डिप्रेशन के रोगी आ रहे हैं।

हर माह करीब 350 नए रोगी आते हैं। वहीं 700 पुराने रोगियों का इलाज होता है। इस मौके पर डॉ. राज कुमार मिश्र, रिजवाना परवीन, नेहा जैन, अमित सिंह आदि मौजूद रहे। शासन स्तर से मानसिक रोगियों के इलाज के लिए जिला अस्पताल में अलग से टीम उपलब्ध कराई गई है।

इसमें डॉक्टर समेत सभी स्वास्थ्य कर्मी शामिल हैं। टीम सप्ताह में तीन दिन सोमवार, बुधवार और शुक्रवार को जिला अस्पताल में रहती है। अन्य दिनों में स्वास्थ्य टीम ग्रामीण अंचल में जाकर लोगों को जागरूक करती है।
विज्ञापन
और पढ़ें...
विज्ञापन
Next
AU ऐप में पढ़ें