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Raebareli News: बाहरी पशु तस्करों के जिले से जुड़े हैं तार

Mon, 22 Sep 2025 12:49 AM IST
लखनऊ ब्यूरो संवाद न्यूज एजेंसी, रायबरेली
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रायबरेली। भदोखर इलाके में गोवंश की हत्या के बाद एक बार फिर साबित हो गया है कि जिले में पशु तस्करी का फैला नेटवर्क कम नहीं हो रहा है। सुल्तानपुर, अमेठी और फतेहपुर के तस्करों के तार रायबरेली से जुड़े हैं। गाहे-बगाहे पुलिस इन पर कार्रवाई भी करती है, लेकिन तस्करों का दायरा जस का तस बना हुआ है।
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दरअसल, पड़ोस का उन्नाव ऐसा जिला है, जहां पर ही बड़े पैमाने पर स्लॉटर हाउस संचालित हैं। अन्य जनपदों में स्लॉटर हाउस नहीं हैं। ऐसे में सुल्तानपुर, अमेठी, फतेहपुर तस्करों के लिए रायबरेली पशु तस्करी के लिए मुफीद स्थान हैं। वजह, तस्करी के बाद स्लॉटर हाउस तक पशुओं को पहुंचाने में आसानी होती है। इसके एवज में तस्करों को अच्छा पैसा भी मिलता है। उन्नाव स्लॉटर हाउस पशुओं के पहुंचाए जाने का कई बार खुलासा तो हुआ, लेकिन इसके पीछे कौन लोगों का हाथ है, उन तक पुलिस नहीं पहुंच पाई। पुलिस की जांच महज तस्करों की गिरफ्तारी तक ही सीमित रही।

सुल्तानपुर के गैंग लीडर पर दर्ज हैं 35 मुकदमे

10 अगस्त 2025 को हरचंदपुर पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान पांच पशु तस्करों को गिरफ्तार किया था। इसमें दो तस्कर अमेठी और तीन तस्कर सुल्तानपुर जिले के रहने वाले थे। खास बात ये थी कि पुलिस की गिरफ्त में आए गैंग लीडर मकसूद पर सुल्तानपुर और अमेठी के थानों पर 35 मुकदमे दर्ज थे।
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सात में से फतेहपुर के थे दो तस्कर

चार जून 2025 को गुरुबख्शगंज पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान सात पशु तस्करों को गिरफ्तार किया था। इसमें दो तस्कर सद्दाम और मोनू फतेहपुर जिले के रहने वाले थे। यह सभी पशु तस्करी के लिए पड़़ोसी जनपदों में सक्रिय थे। पुलिस की जांच में पशुओं को उन्नाव के स्लॉटर हाउस भेजने के सबूत भी मिले थे।



अमेठी से जुड़े थे तस्करी के तार

21 मई 2025 को सलोन पुलिस ने मुठभेड़ के दौरान दो पशु तस्कर शहबान और दिलशाद को पकड़ा था। जांच में खुलासा हुआ था कि काफी समय से दोनों पशुओं की तस्करी कर रहे थे। पुलिस को इन दोनों आरोपियों की काफी समय से तलाश थी। यह भी पता चला था कि दोनों तार अमेठी के तस्करों से जुड़े थे।




पशुओं की ऐसे करते हैं तस्करी
तस्कर छुट्टा घूम रहे पशुओं की तस्करी करते हैं। ऐसा करने से उन्हें पशुओं की खरीद-फरोख्त के लिए पैसा नहीं खर्च करना पड़ता है। पहले पशुओं को पकड़कर जंगल में बांध देते हैं और फिर उन्हें देर रात वाहन पर लादकर स्लॉटर हाउस पहुंचाते हैं। इससे पुलिस को भनक भी नहीं लग पाती।

उधर, मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. कुलदीप द्विवेदी कहते हैं कि संबंधित पशु चिकित्साधिकारियों को निर्देश दिए गए हैं कि क्षेत्र में घूम रहे गोवंशों को गोशाला में संरक्षित किया जाए। पशुओं की तस्करी करने वालों पर भी नजर रखी जाए। जिले में मौजूदा समय में 89 गोशालाओं में 24 हजार गोवंशों को संरक्षित किया गया है।

जिले में पशु तस्करी करने वालों के साथ सख्ती बरती जा रही है। इस साल बाहरी जनपदों के पशु तस्करों को जेल भेजा गया है। पशु तस्करों के स्लॉटर हाउस पहुंचाए जाने की जांच भी चल रही है। जिले में सक्रिय पशु तस्करों का सत्यापन भी कराया जा रहा है। इन्हें जेल भेजा जाएगा।
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- संजीव कुमार सिन्हा, अपर पुलिस अधीक्षक
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