रायबरेली। जिले में बृहस्पतिवार को हुई बारिश और ओले गिरने के बाद शुक्रवार को ठंड बढ़ गई। हवा चलने और बदली छाने से लोग दिन भर ठंड से ठिठुरे। इतना जरूर रहा कि बीच-बीच में हल्की धूप निकली।
मौसम के बदले मिजाज से किसानों के माथे पर चिंता की लकीरें दिख रहीं हैं। बृहस्पतिवार को हवा चलने और ओले गिरने से सरसों के अलावा आलू, टमाटर, फूलगोभी समेत कई सब्जियों की फसल को नुकसान हुआ है।
किसानों के मुताबिक महज गेहूं की फसल को फायदा मिलेगा। यदि फिर बारिश और ओले गिरे तो फसलें पूरी तरह से चौपट हो जाएंगी।
जनवरी के बाद फरवरी में भी मौसम में उतार-चढ़ाव लगा है। बृहस्पतिवार रात तेज हवा चलने के साथ बारिश हुई। शिवगढ़ और खीरों क्षेत्र में बारिश के साथ ओले भी पड़े। जिससे ठंड बढ़ गई। वहीं सरसों की फसल खेतों में ही धराशायी हो गई। शुक्रवार को भी मौसम का मिजाज बदला रहा।
सुबह से ही आसमान में बदली छाई और हवा चलती रही। इससे लोग सर्दी के सितम से बेहाल रहे। जिला कृषि अधिकारी रविचंद्र प्रकाश के मुताबिक कि यदि बारिश और ओले अब गिरे तो सरसों और सब्जियों की फसलों को नुकसान होगा। वैसे बारिश से गेहूं की फसल को कोई नुकसान नहीं, बल्कि फायदा हुआ है।